
KPN24.com बिलासपुर 13 जुलाई 2026
बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में खाद, बिजली, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक सियाराम कौशिक और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गीतांजलि कौशिक की अगुवाई में बिल्हा बाजार चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता आज भी खाद, बिजली, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
सरकार पर उपेक्षा का आरोप
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गीतांजलि कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन करने वाला प्रदेश होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली संकट बना हुआ है। किसान खाद और बीज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, वहीं कई गांवों में पेयजल की गंभीर समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है।
सियाराम कौशिक का सरकार पर तीखा हमला
पूर्व विधायक सियाराम कौशिक ने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता और किसानों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही, ग्रामीण सड़कों की हालत जर्जर है और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही खाद, बिजली, सड़क और पेयजल जैसी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम सहित बड़े जनआंदोलन भी किए जाएंगे और जनता की आवाज को हर स्तर पर बुलंद किया जाएगा।
अब प्रशासन की परीक्षा
खाद, बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने बिल्हा से आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अब निगाहें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि जनता की मांगों पर कितना गंभीर रुख अपनाया जाता है या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा जनआंदोलन बनकर उभरता है।










