
रायपुर की बिजली व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, दलदल सिवनी से रायता तक 220 केवी मल्टी सर्किट लाइन का चुनौतीपूर्ण कार्य सफल
KPN24.com रायपुर 24 जुलाई 2026
राजधानी रायपुर की बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत, भरोसेमंद और सुरक्षित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। दलदल सिवनी से रायता तक बिछाई जा रही 220 केवी मल्टी सर्किट लाइन के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से का कार्य हॉट-लाइन तकनीक के जरिए सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। खास बात यह रही कि यह काम उस रेलवे ट्रैक के ऊपर किया गया, जहां से मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर लगभग हर 10 मिनट में एक ट्रेन गुजरती है। बावजूद इसके रेलवे यातायात को बिना रोके बिजली लाइन का कार्य पूरा किया गया।
इस चुनौतीपूर्ण कार्य में करीब 60 मीटर ऊंचे दो टावरों के बीच लगभग 200 मीटर लंबे हिस्से में छह भारी कंडक्टर खींचकर स्थापित किए गए। टावरों के आसपास कठिन भौगोलिक परिस्थितियां भी थीं। एक ओर करीब 12 फीट गहरा नाला था, जबकि नीचे अत्यंत व्यस्त रेलवे ट्रैक। ऐसे में सामान्य तकनीक से कार्य करना मुश्किल था। ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं ने आधुनिक हॉट-लाइन तकनीक और विशेष सुरक्षा प्रबंधों के साथ इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ने इस महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि पर ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं एवं पूरी टीम को बधाई दी।
89 करोड़ की परियोजना से रायपुर की बिजली आपूर्ति होगी और मजबूत
ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि दलदल सिवनी से रायता तक 220 केवी मल्टी सर्किट लाइन का कार्य तकनीकी दृष्टि से बेहद जटिल था। रेलवे यातायात को प्रभावित किए बिना और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच हॉट-लाइन तकनीक से कार्य पूरा करना कंपनी के अभियंताओं की तकनीकी दक्षता, सूझबूझ और समर्पण का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि दलदल सिवनी में निर्माणाधीन 220/132 केवी सब स्टेशन और इस ट्रांसमिशन लाइन सहित पूरी परियोजना पर लगभग 89 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद रायता स्थित 400 केवी सब स्टेशन से दलदल सिवनी के 220/132 केवी सब स्टेशन तक सीधे बिजली पहुंचाई जा सकेगी।
इससे राजधानी रायपुर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। वर्तमान में उपलब्ध 220 केवी की चार सर्किट लाइनों की संख्या बढ़कर छह सर्किट हो जाएगी। इससे बिजली आपूर्ति की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
पांच-पांच टन क्षमता की विंचिंग मशीनों से खींचे गए भारी कंडक्टर
रेलवे ट्रैक के ऊपर लगभग 200 मीटर लंबे, मोटे और भारी कंडक्टर को सुरक्षित तरीके से दूसरी ओर पहुंचाने के लिए सबसे पहले पायलट रोप तैयार किया गया। इसके बाद दोनों ओर पांच-पांच टन क्षमता वाली विंचिंग मशीनों की मदद ली गई।
लगभग 90 डिग्री के कोण पर छह कंडक्टरों को खींचकर स्थापित करने की चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया में करीब तीन दिन का समय लगा। पूरे कार्य के दौरान कंडक्टर को बेहद धीमी और नियंत्रित गति से खींचते हुए सुरक्षित रूप से निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया।
रेलवे यातायात भी चलता रहा और बिजली लाइन का काम भी पूरा हुआ
इस पूरे कार्य की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि रेलवे ट्रैफिक को बाधित किए बिना 220 केवी मल्टी सर्किट लाइन का कार्य पूरा कर लिया गया। कार्य के दौरान रेलवे के डीआरएम कार्यालय के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए और निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई।
इस तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण कार्य में कार्यपालक निदेशक संजय पटेल, मुख्य अभियंता (परियोजना) प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ईश्वर कंवर, अधीक्षण अभियंता वीए देशमुख, कार्यपालन अभियंता यूके यादव, सहायक अभियंता सुरेश वर्मा, पीके तिवारी, प्रबोल मिश्रा, राम ठाकुर, प्रतीक मित्रा तथा एजेंसी लक्ष्मी सिद्धार्थ ट्रांसमिशन के वेणुगोपाल रेड्डी का विशेष योगदान रहा।
यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि राजधानी रायपुर को भविष्य की मजबूत और निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी मानी जा रही है।










