
साइबर थाना जांजगीर की सक्रियता से आरोपी आरक्षक गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
KPN24.com जांजगीर-चांपा 29 जुलाई 2026
साथी पुलिसकर्मी का मोबाइल चोरी कर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये की ऑनलाइन निकासी करने के मामले में साइबर थाना जांजगीर पुलिस ने 11वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने चोरी किए गए मोबाइल में मौजूद आधार नंबर का इस्तेमाल कर यूपीआई आईडी तैयार की और आरक्षक के बैंक खाते से अलग-अलग ऑनलाइन माध्यमों से ₹4,87,911 की अनधिकृत निकासी कर डाली।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और चोरी की रकम को ऑनलाइन गेम में लगा रहा था।
चार लाख 87 हजार रुपये की निकासी से मचा हड़कंप
पुलिस के अनुसार ग्राम चांदो, थाना चांदो, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज निवासी सुधीर कुमार सिंह (41 वर्ष) 11वीं बटालियन जांजगीर में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई कि 23 अप्रैल 2026 की रात करीब 10 बजे उन्होंने अपना वीवो वाई-21 मोबाइल फोन, जिसमें जियो के दो सिम लगे थे, बैरक में चार्जिंग पर लगाया था। रात करीब 11 बजे ड्यूटी पर जाने से पहले जब वे मोबाइल लेने पहुंचे तो मोबाइल गायब था।
कुछ दिनों बाद जब उन्हें पैसों की आवश्यकता पड़ी और उन्होंने बैंक खाते की जांच कराई तो उनके होश उड़ गए। बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं थी। बैंक स्टेटमेंट खंगालने पर पता चला कि 24 अप्रैल से 3 मई 2026 के बीच विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से कुल ₹4,87,911 की अनधिकृत निकासी की जा चुकी थी।
इसके बाद पीड़ित आरक्षक ने मामले की शिकायत साइबर थाना जांजगीर में दर्ज कराई।
जांच की दिशा बदली तो साथी आरक्षक पर पहुंचा शक
साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों और ऑनलाइन लेनदेन की कड़ियों को खंगालना शुरू किया। विवेचना के दौरान संदेह की सुई 11वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार यादव की ओर घूमी। बताया गया कि घटना के बाद से आरोपी बटालियन परिसर में भी मौजूद नहीं था।
पुलिस ने आरोपी को तलब कर पूछताछ की तो पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मोबाइल चोरी से लेकर ऑनलाइन गेम तक जुड़ी पूरी कड़ी
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने साथी आरक्षक का मोबाइल चोरी करने के बाद उसमें मौजूद आधार नंबर का उपयोग कर यूपीआई आईडी बनाई और बैंक खाते से ऑनलाइन रकम निकाल ली। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और चोरी की रकम को ऑनलाइन गेम में इस्तेमाल कर रहा था।
आरोपी के विरुद्ध धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-सी एवं 66-डी के तहत कार्रवाई करते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। बाद में आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक जांजगीर योगिताबाली खापर्डे के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, राजकुमार चंद्रा, विवेक सिंह तथा आरक्षक पदमराज सिंह, प्रतीक सिंह और विशाल कौशिक का सराहनीय योगदान रहा।










