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संविधान संशोधन पर कमल सोनी का पलटवार: “मैंने पद छोड़ा है, उद्देश्य नहीं”

चैंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी के बयानों पर रखा पक्ष, बोले— आमसभा में फैसला होना है तो विषय वहां पहुंचाने की प्रक्रिया भी पूरी होनी चाहिए

KPN24.com बिलासपुर 09 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बिलासपुर में हुई कार्यकारिणी बैठक के बाद संविधान संशोधन और त्यागपत्र को लेकर चैंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी के बयानों पर पूर्व बिलासपुर संभाग कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। सोनी ने कहा कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से संविधान संशोधन को लेकर लगातार प्रयास और निवेदन किए जा रहे हैं, लेकिन विषय को आगे नहीं बढ़ाया गया। अब इसे केवल आमसभा के अधिकार का विषय बताकर टालना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि नेतृत्व वास्तव में धारा 9(1) और धारा 15 में संशोधन के पक्ष में है, तो इसे स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हुए संगठन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
आमसभा अंतिम निर्णय लेती है, लेकिन प्रस्ताव वहां पहुंचे भी तो
कमल सोनी ने कहा कि संविधान संशोधन पर अंतिम निर्णय का अधिकार आमसभा को है, लेकिन किसी भी प्रस्ताव को आमसभा के समक्ष रखने से पहले संगठन की प्रक्रिया के अनुसार उसे कार्यकारिणी में प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। ऐसे में सवाल यह है कि लंबे समय से उठाए जा रहे इस विषय को कार्यकारिणी के माध्यम से आमसभा तक पहुंचाने में आखिर संकोच क्यों किया जा रहा है?
“प्रारूप तैयार नहीं हुआ” कहना सही नहीं
सोनी ने अध्यक्ष के उस कथन पर भी सवाल उठाया, जिसमें संविधान संशोधन का प्रारूप तैयार नहीं होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि संशोधन का प्रारूप तैयार है और इसकी जानकारी 6 अगस्त को भेजे गए पत्र में भी दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि अब इस प्रारूप को छत्तीसगढ़ की सभी 22 इकाइयों तक ले जाकर व्यापक राय ली जाएगी, ताकि प्रदेशभर के व्यापारियों की भावना सामने आ सके।
रायपुर में व्यापारी अधिक हैं तो क्या प्रतिनिधित्व भी वहीं तक सीमित हो?
कमल सोनी ने कहा कि चैंबर जैसे प्रदेशव्यापी संगठन की प्राथमिकता पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के हित होने चाहिए। केवल संख्या के आधार पर किसी एक क्षेत्र को अधिक महत्व देना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय संगठन में क्षेत्रवाद नहीं, बल्कि संतुलित नेतृत्व और समान प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
बिलासपुर के विकास के मुद्दे भी उठाए
बिलासपुर के एससीआर और औद्योगिक पार्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों का उल्लेख करते हुए सोनी ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर पूर्व में पत्र और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। यदि दुर्ग से राजनांदगांव तक विकास की जरूरत महसूस की जा सकती है, तो रायपुर से बिलासपुर तक के क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं को भी उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
उन्होंने चैंबर के सभी पदाधिकारियों से एकजुट होकर बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश के व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
“पद छोड़ा है, उद्देश्य नहीं”
अपने त्यागपत्र को लेकर कमल सोनी ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति या क्षेत्र के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य समान नेतृत्व, समान प्रतिनिधित्व और पूरे छत्तीसगढ़ में संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“मैंने पद छोड़ा है, उद्देश्य नहीं। बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के हित और समान प्रतिनिधित्व की मांग सफलता मिलने तक जारी रहेगी।”
सोनी ने कहा कि पद से अलग होने के बावजूद संविधान संशोधन और व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने व्यवस्था में आवश्यक बदलाव और संगठन में पारदर्शिता की जरूरत पर भी जोर दिया।

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Author: Kpn 24

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