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म्यूल खातों के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी का खेल बेनकाब

जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 खाताधारक गिरफ्तार

KPN24.com जांजगीर-चांपा 09 अगस्त 2026

साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ऑनलाइन ठगी की रकम के लेन-देन में मदद करने वाले म्यूल खाता गिरोह के खिलाफ साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में 5 म्यूल खाता धारकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कमीशन और आर्थिक लाभ के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर तथा मोबाइल सिम चालू करवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। इन खातों का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया जा रहा था।
33 साइबर अपराधों में 10.18 करोड़ रुपये की ठगी
भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन और पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशों के तहत साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी, तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन की गहन जांच की।
जांच में पता चला कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 33 साइबर ठगी के मामलों से जुड़े हुए हैं। इन मामलों में कुल लगभग 10 करोड़ 18 लाख 19 हजार 809 रुपये की साइबर ठगी सामने आई है।
वहीं, इन मामलों से संबंधित करीब 66 लाख 557 रुपये की राशि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों में स्थानांतरित होना पाया गया।
11 राज्यों तक फैले साइबर ठगी के तार
जांच में सामने आए 33 मामलों का संबंध इन राज्यों से है—
आंध्र प्रदेश — 4 प्रकरण
गोवा — 2 प्रकरण
गुजरात — 5 प्रकरण
हिमाचल प्रदेश — 2 प्रकरण
कर्नाटक — 6 प्रकरण
महाराष्ट्र — 3 प्रकरण
राजस्थान — 2 प्रकरण
तेलंगाना — 4 प्रकरण
उत्तर प्रदेश — 2 प्रकरण
पश्चिम बंगाल — 1 प्रकरण
छत्तीसगढ़ — 2 प्रकरण
कुल — 33 साइबर ठगी के प्रकरण।
कमीशन के लालच में खुलवाए बैंक खाते
पुलिस पूछताछ में आरोपी तुषार सिंह राठौर, ओम प्रकाश केंवट और सत्यनारायण आदित्य ने बताया कि संदीप चंद्रा और उसके साथियों द्वारा कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाए गए थे। आरोपियों के मोबाइल नंबर भी चालू करवाए गए और बैंक खातों को साइबर अपराधियों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया। इसके बदले खाताधारकों को हजारों से लेकर लाखों रुपये तक कमीशन मिलने की बात सामने आई है।
जांच में यह भी पता चला है कि संदीप चंद्रा वर्तमान में बिलासपुर रेंज के साइबर थाने में दर्ज साइबर ठगी के एक मामले में केंद्रीय जेल में निरुद्ध है।
5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
सत्यनारायण आदित्य, निवासी ग्राम किकिरदा, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा।
तुषार सिंह राठौर, निवासी ग्राम फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा।
हरिश कुमार देवांगन, निवासी सिवनी, थाना चांपा, जिला जांजगीर-चांपा।
ओम प्रकाश केंवट, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा।
मनोज कुमार मांझी, निवासी चांपा, थाना चांपा, जिला जांजगीर-चांपा।
आरोपियों के विरुद्ध साइबर थाना जांजगीर-चांपा में अपराध क्रमांक 06/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61(2), 317(4), 317(5), 318(4) एवं 323 में प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
क्या होता है म्यूल खाता?
म्यूल खाता वह बैंक खाता होता है, जिसे कोई व्यक्ति कमीशन, आर्थिक लाभ या लालच के कारण साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराता है। साइबर ठग ऐसे खातों में ठगी की रकम मंगवाकर उसे दूसरे खातों में स्थानांतरित करते हैं, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराना भी गंभीर और दंडनीय अपराध है। खाताधारक की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आगे भी होगी कार्रवाई
साइबर थाना पुलिस के अनुसार मामले की आगे की विवेचना जारी है। जांच में सामने आए अन्य संदिग्धों और साइबर ठगी से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिया है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
साइबर पुलिस की आमजन से अपील
साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें।
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, प्रभारी साइबर थाना जांजगीर-चांपा, सहायक उपनिरीक्षक विवेक सिंह, आरक्षक प्रदीप दुबे, चिरंजीव कुमार एवं साइबर थाना टीम का सराहनीय योगदान रहा।

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Author: Kpn 24

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