
कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन के बाद सौंपा ज्ञापन, धान खरीदी व्यवस्था में सुधार और किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 08 अक्टूबर 2026
जिला मुख्यालय पर भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और 10 सूत्री मांगों को लेकर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। प्रांत उपाध्यक्ष देव प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के बाद किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर धान बोनस की लंबित राशि के भुगतान सहित कृषि से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई।
किसानों ने कहा कि लगातार बढ़ती कृषि लागत के बीच खेती को लाभकारी बनाए रखने के लिए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, पर्याप्त सिंचाई सुविधा, निर्बाध कृषि बिजली और धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था मिलना जरूरी है। किसानों ने शासन से लंबित भुगतान सहित खरीदी व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की।
लगभग 1700 करोड़ रुपये की लंबित बोनस राशि के भुगतान की मांग
भारतीय किसान संघ ने वर्ष 2022-23 की लंबित लगभग 1700 करोड़ रुपये की धान बोनस राशि का भुगतान करने की मांग की। इसके साथ ही धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि का लाभ किसानों को देने तथा कृषक उन्नति योजना के तहत प्रत्येक किसान के लिए 800 रुपये के प्रावधान की मांग भी ज्ञापन में रखी गई।
15 नवंबर से 15 फरवरी तक हो धान खरीदी
किसानों ने धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने की मांग की। इसके साथ ही प्रति टोकन अधिकतम 40 क्विंटल अथवा 7500 किलोग्राम धान खरीदी की व्यवस्था करने, किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल बनाने तथा सभी खातेदारों के लिए पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई गई।
टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए संघ ने बड़े किसानों को पांच, किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन देने की व्यवस्था किए जाने की बात कही।
धान खरीदी में तय सीमा से अधिक कटौती पर रोक की मांग
किसानों ने धान खरीदी के दौरान निर्धारित मात्रा से अधिक कटौती नहीं करने की मांग की। उनका कहना है कि किसानों के हित में शासन की ओर से धान खरीदी में प्रति क्विंटल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम ही लेने संबंधी स्पष्ट आदेश जारी किया जाना चाहिए।
किसान संघ ने कहा कि 13 अक्टूबर 2025 को कैबिनेट मंत्री गगन यादव द्वारा भारतीय किसान संघ के मंच से हजारों किसानों और मीडिया की मौजूदगी में की गई घोषणा के बावजूद इस संबंध में आदेश जारी नहीं हुआ है। संघ ने इस मामले में शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की।
सिंचाई परियोजनाओं में तेजी और कृषि बिजली की समस्या दूर करने की मांग
ज्ञापन में लंबित सिंचाई परियोजनाओं को गति देने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने तथा कृषि विद्युत से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की गई। इसके साथ ही विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी किसानों ने उठाई।
किसानों ने फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने, बिचौलियों की मनमानी पर रोक लगाने तथा भूमि अधिग्रहण के दौरान किसान हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
महंगे खाद की बिक्री पर कार्रवाई की मांग
भारतीय किसान संघ ने बाजार में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। किसानों का कहना है कि कृषि लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में खाद और अन्य कृषि सामग्री की कालाबाजारी या अधिक कीमत पर बिक्री से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि शासन-प्रशासन को जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
धरना प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष संजय सिंह, तहसील अध्यक्ष नवनीत सिंह राणा, तहसील उपाध्यक्ष राम सजीवन कुंभकार, वरिष्ठ सदस्य युगल किशोर सिंह, टेक सिंह, रविकांत कश्यप, सुंदरलाल साहू, संजय कश्यप, मोहन कश्यप सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।










