Kpn24.com कोरबा 30 अक्टूबर 2026
ACB ग्रुप, उसकी संबद्ध कोलवाशरियों, रिजेक्ट कोल आधारित पावर प्लांटों में गड़बड़ी और पर्यावरणीय प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित भारतीय जनाधिकार पार्टी (छत्तीसगढ़) ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष जोरदार शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया और शासन के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो 3 नवंबर 2026 को राज्य स्थापना दिवस समारोह में रायपुर आ रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को काले झंडे दिखाकर विरोध जताया जाएगा।
मांगों के मुख्य बिंदु और जांच के दायरा:
स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच: CCO, SECL, पर्यावरण संरक्षण मंडल और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर भौतिक व वैज्ञानिक जांच कराई जाए।
CBI और SIT जांच: पूरे मामले में निष्पक्षता के लिए CBI जांच और संयुक्त विशेष जांच दल (SIT) का गठन हो।
मटेरियल बैलेंस ऑडिट: कोलवाशरी से निकलने वाले रिजेक्ट कोल, मिडलिंग्स और पावर प्लांट में उसकी वास्तविक खपत के रिकॉर्ड का आमने-सामने मिलान किया जाए।
प्रदूषण और फोरेंसिक जांच: MCCPL, रतिजा कोलवाशरी और बंधाखार पावर प्लांट के रिकॉर्ड का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट हो तथा फ्लाई ऐश, स्लरी व जल-वायु प्रदूषण की वैज्ञानिक जांच की जाए।
नेताओं ने उठाए गंभीर सवाल:
दीपक दुबे (अध्यक्ष/संयोजक, भारतीय जनाधिकार पार्टी):
जिस वाशरी से रिजेक्ट कोल निकलता है और जहाँ इसके उपयोग का दावा होता है, उन दोनों के रिकॉर्ड्स का आमने-सामने मिलान क्यों नहीं किया जा रहा? कोयले की प्राप्ति से लेकर खपत तक का पूरा हिसाब जनता के सामने आना चाहिए।”
कमल साव (किसान श्रमिक नेता):
बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद पारदर्शी कार्रवाई के बजाय सिर्फ पत्राचार किया जा रहा है। शासन-प्रशासन की यह ढिलाई संदेहास्पद है।”
संजय रत्नाकर व शैलेन्द्र गोपाल (युवा नेता):
स्वीकृत क्षमता से अधिक उत्पादन, लिंकेज के उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का उपयोग, वेटब्रिज और स्टॉक रिकॉर्ड्स की निष्पक्ष फोरेंसिक जांच क्यों टारी जा रही है?
विन्देश सिंह राठौर व मुकेश भारतीय (प्रदेश पदाधिकारी):
जिस परिसर में 6.50 लाख टन अवैध कोयला जब्त हुआ और वाशरी-पावर प्लांट सील किए गए, उस पर सरकार मेहरबान क्यों है? पूर्व घोषणा के तहत 3 नवंबर को रायपुर में गृह मंत्री को काले झंडे दिखाकर अपना लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराएंगे।
कृष्णा टंडन (प्रवक्ता) व हेमंत पैगवार (युवा संयोजक)
लिंकेज का 1 करोड़ टन से अधिक कोयला रिजेक्ट कोल की जगह पावर प्लांटों में कैसे भेजा जा रहा है? देश के प्रमुख ऊर्जा केंद्र कोरबा के सार्वजनिक संसाधनों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय होनी ही चाहिए।
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख उपस्थिति:
आंदोलन में दिनेश यादव, सूरजभान दास बैरागी, प्रभु कश्यप, पुष्पेंद्र यादव, गंगा प्रसाद, संतोष कुमार, बजरंग रत्नाकर, शिव कुमार, छतराम यादव, सुनील कुमार, खिलेश्वर कश्यप, भीम यादव, अजय सूर्यवंशी, तरुण कश्यप, सरोज सारथी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे










