
कर्तव्य में लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति पर धर्मेंद्र यादव पर गिरी गाज, जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध दर्ज होने पर ज्योतिष कुमार सर्वे भी निलंबित
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 01नवंबर 2026
जिले में पटवारियों की हड़ताल और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कर्तव्य में लापरवाही, अनधिकृत अनुपस्थिति और आपराधिक प्रकरण से जुड़े अलग-अलग मामलों में प्रशासन ने दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, हड़ताल में शामिल पटवारियों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए उन्हें ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवरीनारायण एवं जांजगीर द्वारा जारी आदेश के तहत पटवारी हल्का क्रमांक 13, तहसील शिवरीनारायण में पदस्थ धर्मेंद्र यादव को लगातार अनधिकृत अनुपस्थिति और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है।
बताया गया है कि उनकी अनुपस्थिति के कारण नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती, अभिलेख दुरुस्ती, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फसल गिरदावरी और धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे थे। पूर्व में कारण बताओ सूचना पत्र जारी होने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर प्रशासन ने निलंबन के साथ विभागीय जांच भी संस्थित कर दी है।
जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज अपराध बना निलंबन का आधार
दूसरी कार्रवाई तहसील जांजगीर में पदस्थ पटवारी ज्योतिष कुमार सर्वे के विरुद्ध की गई है। उनके खिलाफ वर्ष 2025 में थाना सिटी कोतवाली जांजगीर में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आपराधिक प्रकरण की जांच जारी होने और शासकीय सेवक के पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
156 में से केवल 15 पटवारी लौटे काम पर
इधर, जिले में पटवारियों की हड़ताल को लेकर भी प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट हुई है। जिले में कुल 156 पटवारियों में से अब तक 15 पटवारी काम पर वापस लौटे हैं। इनमें 13 परिवीक्षाधीन पटवारी और दो ऐसे पटवारी शामिल हैं, जो हड़ताल में शामिल नहीं हुए थे। शेष हड़तालरत पटवारियों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया गया है।
दोनों निलंबित पटवारियों का मुख्यालय संबंधित तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
प्रशासन की इन कार्रवाइयों से साफ है कि जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और विभागीय अनुशासन से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।










