
KPN24.com रायपुर 29 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) ने अब पारंपरिक विशाल हाईटेंशन टावरों की जगह मोनोपोल तकनीक को अपनाना शुरू कर दिया है—जो न सिर्फ कम जगह घेरते हैं, बल्कि शहर की खूबसूरती में भी चार चांद लगाते हैं।
पहला प्रयोग सफल, अब नई दिशा तय
राजधानी से लगे मेटल पार्क, सिलतरा क्षेत्र में 132/33 केवी की करीब 250 मीटर लंबी नई लाइन को मोनोपोल के जरिए खींचा गया है। इस प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर विद्युत आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। यह राजधानी में इस तकनीक का पहला सफल प्रयोग माना जा रहा है।
कम जमीन, ज्यादा फायदा
CSPTCL के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला के अनुसार,
जहां पारंपरिक ईएचटी टावर के लिए 1000 से 2000 वर्गफीट जमीन की जरूरत होती है, वहीं मोनोपोल सिर्फ 50 वर्गफीट में ही खड़ा हो जाता है।
बढ़ती आबादी और सीमित जमीन वाले शहरी क्षेत्रों के लिए यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है।
सुरक्षा और सौंदर्य दोनों में बेहतर
मोनोपोल टावर न केवल देखने में आधुनिक और आकर्षक हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूत हैं।
इन पर आम व्यक्ति चढ़ नहीं सकता
दुर्घटनाओं की संभावना बेहद कम
शहर की विजुअल अपील बेहतर
8 करोड़ की लागत से तैयार हुआ प्रोजेक्ट
कैपिटल इंवेस्टमेंट प्लान के तहत CSPTCL ने अपने संसाधनों से करीब 8 करोड़ रुपए की लागत में इस प्रोजेक्ट को तैयार किया है।
इसे मेटल पार्क स्थित नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र से जोड़कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
भविष्य की तैयारी अभी से
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री सचिव सुबोध कुमार सिंह और ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मोनोपोल तकनीक अपनाई जाएगी, ताकि कम जगह में बेहतर और सुरक्षित बिजली ढांचा विकसित किया जा सके।










