
KPN24.com रायपुर 8 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार फसल विविधीकरण को तेजी से बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर दलहनी, तिलहनी और अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में कृषक उन्नति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में राज्य के 25.28 लाख किसानों को लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की आदान सहायता प्रदान की गई है। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करते हुए खेती को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाना है।
धान से आगे बढ़कर नई फसलों की ओर किसान
राज्य सरकार किसानों को केवल धान पर निर्भर रहने के बजाय दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत कोदो-कुटकी, रागी, मक्का, कपास जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।
3 लाख से अधिक किसानों को मिली बड़ी राहत
आधिकारिक जानकारी के अनुसार कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के 3 लाख 6 हजार 685 किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से 311 करोड़ 87 लाख 79 हजार रुपये की आदान सहायता दी गई है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है, जिससे खेती की लागत कम करने में उन्हें बड़ी राहत मिली है।
वैकल्पिक फसल अपनाने वालों को विशेष प्रोत्साहन
जो किसान पूरी तरह धान की खेती छोड़कर वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़े हैं, उन्हें सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इस श्रेणी में 2 हजार 235 किसानों को 11 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से कुल 2 करोड़ 72 लाख 97 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
कुल 314 करोड़ से अधिक राशि सीधे खातों में
इस प्रकार कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत कुल 314 करोड़ 60 लाख 76 हजार रुपये की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई है। इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और खेती के नए विकल्प अपनाने के लिए उत्साह भी बढ़ा है।
कृषि अर्थव्यवस्था को मिल रही नई दिशा
फसल विविधीकरण की इस पहल से न केवल किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है, बल्कि पोषण सुरक्षा, मिट्टी की उर्वरता और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार की यह दूरदर्शी नीति किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही है।










