
KPN24.com रायपुर 6 जून 2026
छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित शासन की योजनाएं अब जमीनी स्तर पर सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही बिहान और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने जशपुर जिले की एक ग्रामीण महिला की जिंदगी को नई दिशा दी है। बगीचा विकासखंड के ग्राम बुढाडांड की रहने वाली प्रीति गुप्ता आज अपने दम पर सफल उद्यमी बनकर क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति गुप्ता को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस सहायता राशि को उन्होंने अवसर में बदलते हुए गांव में ‘दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान’ की स्थापना की। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार आज गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की जरूरतों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
प्रीति ने केवल दुकान नहीं खोली, बल्कि ग्राहकों की मांग और जरूरतों को समझते हुए अपने व्यवसाय का लगातार विस्तार किया। उनकी मेहनत, दूरदृष्टि और लगन ने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में गिनी जाती है और स्थानीय लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं आसानी से उपलब्ध करा रही है।
मुद्रा लोन से मिली आर्थिक ताकत और लगातार किए गए प्रयासों का ही परिणाम है कि प्रीति गुप्ता आज अपने व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही हैं। यही उपलब्धि उन्हें क्षेत्र की सफल ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान दिला रही है।
प्रीति गुप्ता का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान और मुद्रा योजना के सहयोग से वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकीं और आज सम्मानजनक आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
प्रीति की सफलता यह साबित करती है कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचे और उसे मेहनत व संकल्प का साथ मिले, तो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकती हैं। उनकी कहानी आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभर रही है और महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त मिसाल प्रस्तुत कर रही है।











