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श्रीमद्भागवत कथा से गूंजा रायपुर: संस्कृति, संस्कार और सनातन मूल्यों के संरक्षण का दिया संदेश — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री बोले— श्रीमद्भागवत कथा समाज को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम, छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर

KPN24.com रायपुर 13 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पावन आयोजन में रविवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। कथा व्यास श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धाभाव से श्रवण करते हुए मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ पर पूजन-अर्चन एवं आरती कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत रखने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सेवा, सद्भाव, करुणा और लोककल्याण की भावना को मजबूत करते हैं।
छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान पूरे देश में विशिष्ट
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। यह भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का लंबा समय छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर व्यतीत किया, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और अधिक गौरवशाली बनी है।
उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण माता शबरी की तपोभूमि है, जहां प्रभु श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन की स्मृतियां आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। वहीं राजिम कुंभ देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है।
सरकार धार्मिक आस्था और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए अनेक धार्मिक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है। प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्याधाम में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के संरक्षण, संवर्धन और समग्र विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।
धर्मांतरण पर सख्ती, सनातन मूल्यों के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक समरसता, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है, जिसमें अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे गैरकानूनी धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
गौ संरक्षण हमारी संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गौधाम योजना के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। गौधामों में चारा, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है।
संस्कृति और संस्कार बचाने का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना करते हुए सभी से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीवलोचन महाराज, पवन साय, नंदन जैन, योगेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं भक्तजन उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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