
सीपेज, दरारें और निर्माण में देरी ने खोली पोल, ठेकेदार–अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
KPN24.com सक्ती/जैजैपुर 17 जुलाई 2026
करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन व्यवहार न्यायालय, जैजैपुर भवन पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। भवन की छत और दीवारों से पानी का रिसाव (सीपेज), कई स्थानों पर दरारें तथा उन्हें पुट्टी से छिपाने के प्रयास ने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के उपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बताया जा रहा है कि यह भवन 6 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य 7 दिसंबर 2023 को प्रारंभ हुआ था, जबकि इसे 5 जनवरी 2025 तक पूर्ण होना था। निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बावजूद भवन का निर्माण कार्य अब भी जारी है।
स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवन में पहली ही बारिश के दौरान सीपेज और दरारें दिखाई देना बेहद चिंताजनक है। उनका आरोप है कि यदि निर्माण कार्य की नियमित और प्रभावी निगरानी की गई होती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण एजेंसी, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के कारण गुणवत्ता से समझौता किया गया हो सकता है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि भवन के कुछ हिस्सों में बिना समुचित प्लास्टर के ही छत की फिनिशिंग की जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो भविष्य में प्लास्टर गिरने जैसी घटनाएं गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में पूर्व में भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था। कार्यपालन अभियंता ने निरीक्षण कराने की बात कही थी, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित ठेकेदार और विभाग का विस्तृत पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण न्यायालय भवन की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कब होगी और यदि निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।










