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ग्रिड ब्लैकआउट हुआ तो महज 32 मिनट में कोरबा पावर प्लांट तक पहुंचेगी बिजली

छत्तीसगढ़ में ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल सफल, 41 मिनट में मुख्य ग्रिड से हुआ सफल सिंक्रोनाइजेशन

KPN24.com रायपुर 25 जुलाई 2026

प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बड़े विद्युत संकट से निपटने के लिए तैयार रखने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने एक महत्वपूर्ण और सफल परीक्षण किया है। अंतर्राज्यीय विद्युत ग्रिड के पूरी तरह ठप होने यानी ब्लैकआउट की स्थिति में बिजली व्यवस्था को तेजी से बहाल करने की क्षमता जांचने के लिए आयोजित ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल में बांगो जल विद्युत गृह से स्टार्ट-अप पावर महज 32 मिनट में कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों तक पहुंचाने में सफलता हासिल की गई। वहीं, पूरी विद्युत प्रणाली को मुख्य ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज करने की प्रक्रिया लगभग 41 मिनट में पूरी कर ली गई।

इस महत्वपूर्ण अभ्यास के दौरान ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला डंगनिया मुख्यालय स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी करते रहे। मॉक ड्रिल में ट्रांसमिशन, जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के इंजीनियरों तथा तकनीकी अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ अपनी भूमिका निभाई।
पहले तैयार किया गया आइलैंडेड सब-सिस्टम, फिर लाया गया ब्लैकआउट की स्थिति में
मॉक ड्रिल के तहत हसदेव, हसदेव-बांगो, जमनीपाली और कोरबा पूर्व से जुड़े चयनित विद्युत तंत्र को मुख्य व्यवस्था से अलग कर एक आइलैंडेड सब-सिस्टम तैयार किया गया। इसके बाद नियंत्रित तरीके से विद्युत उत्पादन और भार को कम करते हुए इस प्रणाली को पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति में लाया गया।
ब्लैकआउट की स्थिति के बाद बांगो जल विद्युत गृह में उपलब्ध डीजल जनरेटर सेट की सहायता से इकाई क्रमांक-1 को दोबारा शुरू कर सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज किया गया। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से हसदेव और जमनीपाली होते हुए कोरबा पूर्व तक स्टार्ट-अप विद्युत आपूर्ति बहाल की गई।
32 मिनट में कोरबा तक पहुंची स्टार्ट-अप पावर
मॉक ड्रिल के अगले चरण में 160 एमवीए ट्रांसफार्मर के माध्यम से 220 केवी प्रणाली को ऊर्जीकृत किया गया और स्टार्ट-अप विद्युत आपूर्ति कोरबा पश्चिम तक पहुंचाई गई। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमनीपाली उपकेंद्र पर विद्युत भार जोड़ा गया और उसके अनुरूप बांगो जल विद्युत गृह की इकाई क्रमांक-1 का उत्पादन भी बढ़ाया गया।
अभ्यास के अंतिम चरण में आइलैंडेड सब-सिस्टम को मुख्य विद्युत ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज किया गया। इसके साथ ही विद्युत उपकरणों पर सामान्य विद्युत व्यवस्था भी बहाल कर दी गई।
पूरी सिंक्रोनाइजेशन प्रक्रिया में जहां लगभग 41 मिनट का समय लगा, वहीं बांगो जल विद्युत गृह से कोरबा पावर प्लांट तक स्टार्ट-अप विद्युत आपूर्ति लगभग 32 मिनट में पहुंचा दी गई। यह सफल अभ्यास प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को किसी बड़े ग्रिड संकट या पूर्ण ब्लैकआउट के बाद तेजी से सामान्य स्थिति में लाने की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्लैकआउट के बाद बिजली बहाली में बांगो की अहम भूमिका
बांगो जल विद्युत संयंत्र प्रदेश का एकमात्र ब्लैक स्टार्ट सक्षम जल विद्युत संयंत्र है। इसकी स्थापित क्षमता 3×40 मेगावाट है। बड़े ग्रिड व्यवधान या पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति में यह संयंत्र बिना बाहरी विद्युत आपूर्ति के अपनी उत्पादन इकाई को शुरू कर अन्य विद्युत उत्पादन इकाइयों को दोबारा चालू करने के लिए आवश्यक स्टार्ट-अप पावर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस सफल मॉक ड्रिल से यह भी स्पष्ट हुआ कि आपातकालीन परिस्थितियों में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से पुनः सक्रिय करने के लिए पावर कंपनियों की तकनीकी तैयारी और आपसी समन्वय मजबूत है।
इस अवसर पर जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक सी. एल. नेताम, स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, अधीक्षण अभियंता संजय चौधरी तथा अभिषेक जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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