
मनीष विद्यार्थी सेंधवा मध्यप्रदेश
ऋण स्वीकृति से पहले आवेदकों और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन नहीं करने का आरोप, पुलिस जांच में कर्मचारियों की भूमिका उजागर
KPN24.com सेंधवा 28 जुलाई 2026
शहर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच के दौरान अन्नपूर्णा फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक और फील्ड अधिकारी की भूमिका सामने आने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, दोनों कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने ऋण स्वीकृत करने से पहले आवेदकों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों का नियमानुसार आवश्यक भौतिक सत्यापन नहीं किया। पुलिस का मानना है कि इसी लापरवाही के चलते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत कराने वाले आरोपियों को धोखाधड़ी को अंजाम देने में मदद मिली।
यह कार्रवाई सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह के नेतृत्व में की गई।
फर्जी पहचान के आधार पर कई वित्त कंपनियों से लिया ऋण
पुलिस की जांच में सामने आया कि ग्राम हिंदली निवासी सीमा मोरे और ममता मोरे के नाम पर कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड और मतदाता परिचय पत्र तैयार किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर अन्नपूर्णा फाइनेंस, आरोहन फाइनेंस और स्पंदना फाइनेंस से ₹40-40 हजार के ऋण स्वीकृत कराए गए। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में कुल ₹2.48 लाख की धोखाधड़ी सामने आई है।
मुख्य आरोपी पहले ही पहुंच चुके हैं जेल
थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी अतरसिंह चौहान, निर्माबाई अजनारे और मनीषा चौहान को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर चुकी है। अब जांच के दौरान सामने आई नई कड़ियों के आधार पर वित्त कंपनी के दो कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
जांच में सामने आई कर्मचारियों की भूमिका, दोनों गिरफ्तार
पुलिस जांच में अन्नपूर्णा फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक दिनेश वकावले और फील्ड अधिकारी आकाश खातवे की भूमिका सामने आने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, ऋण स्वीकृति से पहले दस्तावेजों और आवेदकों का आवश्यक भौतिक सत्यापन नहीं किए जाने के कारण दोनों की भूमिका जांच के दायरे में आई।
धोखाधड़ी के नेटवर्क की और खुल सकती हैं परतें
थाना प्रभारी कुशवाह ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस द्वारा धोखाधड़ी से जुड़े अन्य पहलुओं, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ऋण स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।










