
KPN24:- सुप्रीम कोर्ट ने 43 रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने और उन्हें समुद्र में छोड़ देने के आरोपों को लेकर दाखिल एक याचिका खारिज करते हुए कहा कि हर दिन कोई नई कहानी लेकर आ जाते है।
याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए अदालत ने कहा कि जब देश मुश्किल हालात से गुजर रहा है, तब इस तरह की ‘कल्पनात्मक कहानियां’ अदालत में लाई जा रही हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर दिन आप कोई नई कहानी लेकर आते हैं, इसका आधार क्या है? हमें रिकॉर्ड पर कोई साक्ष्य दिखाइए. हमने इसे पढ़ा है ये एक बहुत ही खूबसूरती से गढ़ी गई और तैयार की गई कहानी है.
जब याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यह कहानी नहीं, बल्कि सच्चाई है कि लोगों को हिरासत में लेकर समुद्र में छोड़ा गया, तो अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि इस देश में सबूतों का एक तय कानून है. हमें बताइए ये जानकारी कहां से आई है और कौन इसकी पुष्टि करेगा? जब तक कोई व्यक्ति खुद वहां मौजूद होकर देख न रहा हो, कौन बता सकता है कि वास्तव में क्या हुआ?
सीनियर एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्विस ने बताया कि याचिकाकर्ता दिल्ली में है और उसके भाई को निर्वासित किया गया है. उसे फोन पर सूचना मिली है, जिसका नंबर सरकार से सत्यापित कराया जा सकता है. इस पर सर्वोच्च अदालत ने सलाह दी कि अगर आप वाकई इन गरीब लोगों की मदद करना चाहते हैं, तो पहले कोई ठोस जानकारी जुटाइए और फिर हमारे सामने रखिए.










