
संस्कार भारती और शारदा संगीत विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव, गुरुजनों का हुआ पाद पूजन
KPN24.com जांजगीर-चांपा 31 जुलाई 2026
गुरु के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि शिष्य के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा और विस्तार प्रदान करता है। गुरु-शिष्य परंपरा सनातन धर्म की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा है, जिसका निर्वहन त्रेतायुग में भगवान श्रीराम और द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने भी गुरु आश्रम में शिक्षा-दीक्षा ग्रहण कर किया। यह बात भागवताचार्य आचार्य पं. राजेन्द्र शर्मा ने बिर्रा के आचार्य चाणक्य सभागार में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान कही।
संस्कार भारती जिला इकाई सक्ती एवं शारदा संगीत विद्यालय, बिर्रा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार चतुर्वेदी, हरिराम जायसवाल, एकादशिया साहू, दिलीप कुमार पाण्डेय, मणीलाल कश्यप, अजय सराफ, डॉ. श्रीमती प्रियंका शुक्ला, धनेश मिश्रा, बीएल सागर एवं जितेन्द्र तिवारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ। शारदा संगीत विद्यालय बिर्रा के विद्यार्थियों ने संस्कार भारती का ध्येय गीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अतिथियों का पुष्पमाला, श्रीफल एवं अंगवस्त्र भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया।
‘गुरु के एक अक्षर ज्ञान का ऋण भी चुकाना संभव नहीं’
नवपदस्थ बम्हनीडीह विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि संस्कार भारती के नाम में ही ‘संस्कार’ समाहित है और ऐसे आयोजन समाज को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु शिष्य के भीतर छिपी प्रतिभा को खोजकर उसे निखारता और आगे बढ़ाता है। गुरु द्वारा दिए गए एक अक्षर के ज्ञान का ऋण भी जीवनभर चुकाना संभव नहीं है।
उन्होंने अपने गुरुजनों का स्मरण करते हुए कहा कि उनके पिताजी ने जितेन्द्र तिवारी जी के दादाजी स्व. विष्णु प्रसाद तिवारी जी से दीक्षा ली थी। उन्होंने गुरु परिवार के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुजनों का मार्गदर्शन जीवन में सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों को विश्वास दिलाया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सभी के लिए सदैव खुला रहेगा और वे सभी के साथ मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने का प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर दिलीप कुमार पाण्डेय, हरिराम जायसवाल, एकादशिया साहू एवं मणीलाल कश्यप ने भी संबोधित करते हुए गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला और उपस्थितजनों को शुभकामनाएं दीं।
गुरुजनों का हुआ पाद पूजन
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आचार्य पं. राजेन्द्र शर्मा एवं पं. दिलीप पाण्डेय का विधिवत पाद पूजन एवं प्रक्षालन किया गया। गुरु पूजन और सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन हुआ।
कार्यक्रम का सफल संचालन महामंत्री मनोज कुमार तिवारी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य के.आर. कश्यप, के.एल. यादव, श्रवण कुमार थवाईत, लखनलाल कश्यप, डॉ. उमेश दुबे, रामकिशोर देवांगन, आर.के. सोनवानी, एन.आर. भारद्वाज, नील कमल श्रीवास, एल.एन. कुर्रे, जयंत कश्यप, संतोष कश्यप, तोषण प्रसाद तिवारी, नीलांबर सिंह, लक्ष्यनाथ देवांगन, शत्रुघ्न कश्यप, तीजराम कश्यप, सुमंत रात्रे, पंचराम कश्यप, जीवनलाल साहू, संजू साहू, राघवेन्द्र पाण्डेय, कमल खूंटे, डी.एन. देवांगन, रितेश देवांगन, गुरु प्रसाद भतपरे, छबि कुमार पटेल, कृष्णों साहू सहित संगीत महाविद्यालय हसौद के संगीत गुरुजन, संस्कार भारती के सदस्य एवं शारदा संगीत विद्यालय बिर्रा के छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










