
मनीष विद्यार्थी सेंधवा मध्यप्रदेश
झापडी पाडला में हुई अहम बैठक, हजारों लोगों की भागीदारी वाले महासम्मेलन की बनी रणनीति
KPN24.com सेंधवा 07 अगस्त 2026
9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस को ऐतिहासिक, भव्य और जनजागरण के स्वरूप में आयोजित करने की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत झापडी पाडला में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई, जिसमें झापडी पाडला, पलाशपानी, राजगढ़, पिल्यागोई, पाजरिया और कामोंद वाडा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन, युवा एवं वरिष्ठजन शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए जयस सेंधवा ब्लॉक अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) बड़वानी जिलाध्यक्ष राहुल सोलंकी ने कहा कि 9 अगस्त का आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और सामाजिक स्वाभिमान का सशक्त मंच होगा। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।
जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा पर बनी रणनीति
बैठक में आदिवासियों को उनकी पारंपरिक भूमि से बेदखल करने के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। समाज को कानूनी रूप से मजबूत करने और अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।
निर्णय लिया गया कि पेसा कानून (PESA) और वन अधिकार अधिनियम-2006 (FRA) का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए ग्राम सभाओं को अधिक सशक्त बनाया जाएगा। साथ ही सामुदायिक वन अधिकार और व्यक्तिगत वन अधिकारों के दावों को मजबूती से शासन के समक्ष रखा जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी भी भूमि अधिग्रहण का विरोध किया जाएगा तथा संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी समाज को प्राप्त अधिकारों के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
भूमि विवादों और बेदखली के मामलों में प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए युवाओं और अधिवक्ताओं की टीम गठित कर कानूनी सहयोग देने का भी निर्णय लिया गया।
दहेज प्रथा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी होगा अभियान
बैठक में समाज में व्याप्त दहेज प्रथा, फिजूलखर्ची और अन्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए भी ठोस निर्णय लिए गए। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक सुधार के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है और विश्व आदिवासी दिवस के मंच से इस दिशा में प्रभावी संदेश दिया जाएगा।
बैठक में शिवराम ठाकुर, छोटू जाधव, लक्की, मेंहताब ठाकुर, कांतिलाल सोलंकी, शांतिलाल तरोले, कृपाल दुदावे, कमल ठाकुर, सावन जाधव सहित अनेक समाजसेवी, बुद्धिजीवी और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में विधायक मोंटू सोलंकी एवं वरिष्ठ समाजजनों के आह्वान पर 9 अगस्त को आयोजित होने वाले विश्व आदिवासी दिवस महासम्मेलन में हजारों की संख्या में शामिल होकर आयोजन को ऐतिहासिक एवं सफल बनाने की अपील की गई।










