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एक भाई ऐसा भी… बहन की पढ़ाई के लिए दो साल तक बचाई पॉकेट मनी, रक्षाबंधन पर दिए 51 हजार रुपये

मनीष विद्मार्थी बुरहानपुर मध्यप्रदेश

खिलौने या कपड़े नहीं, बहन के उज्ज्वल भविष्य का दिया तोहफा; तीन साल की मानवी के नाम होगी सावधि जमा

Kpn24.com बुरहानपुर 28 अगस्त 2026

रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहन को अक्सर राखी के बदले उपहार देता है, लेकिन बुरहानपुर में एक भाई ने ऐसा उपहार दिया, जिसने रिश्तों की खूबसूरती के साथ-साथ समाज के सामने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की एक मिसाल भी पेश कर दी।

सशक्त पत्रकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमेश जंगाले के पुत्र भव्य जंगाले ने अपनी मात्र तीन वर्षीय बहन मानवी जंगाले के भविष्य को संवारने के लिए लगातार दो वर्षों तक अपनी पॉकेट मनी बचाई। अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं और जरूरतों को सीमित करते हुए भव्य ने धीरे-धीरे रकम जोड़ी और देखते ही देखते 51 हजार रुपये जमा कर लिए।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भव्य ने बहन को महंगा खिलौना, कपड़े या कोई अन्य सामान्य उपहार देने के बजाय 51 हजार रुपये की राशि भेंट की, ताकि यह रकम उसकी बहन मानवी के नाम सावधि जमा (एफडी) कराई जा सके। भविष्य में यही राशि उसकी पढ़ाई और शिक्षा के काम आएगी।
भाई ने दिखाया—सच्चा प्यार भविष्य संवारने में है
भव्य का यह कदम केवल भाई-बहन के प्रेम की कहानी नहीं, बल्कि उस सोच का उदाहरण है, जिसमें बेटी के भविष्य को लेकर परिवार की जिम्मेदारी साफ दिखाई देती है। महज तीन साल की उम्र में बहन के लिए भविष्य की नींव मजबूत करने की यह पहल निश्चित रूप से प्रेरणादायक है।
भव्य के पिता उमेश जंगाले ने कहा कि रक्षाबंधन पर बेटे की ओर से दिया गया यह उपहार केवल उसकी बहन के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक संदेश है। बेटियां परिवार की जिम्मेदारी भर नहीं हैं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना प्रत्येक परिवार का कर्तव्य है।
बेटी की शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश
आज जब बेटियों की शिक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ऐसे में भव्य की पहल कई परिवारों को सोचने पर मजबूर करती है। यदि बच्चों में बचपन से ही बहनों की शिक्षा, सम्मान और भविष्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए, तो इसका सकारात्मक असर पूरे समाज पर पड़ सकता है।
रक्षाबंधन पर 51 हजार रुपये की यह राशि शायद किसी के लिए सिर्फ एक रकम हो, लेकिन मानवी के लिए यह उसकी शिक्षा और सपनों की दिशा में उठाया गया पहला मजबूत कदम है।
यह कहानी बताती है कि सच्चा भाई वह नहीं, जो सिर्फ राखी पर उपहार दे… बल्कि वह है, जो बहन के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी भी उठाए।
एक भाई ऐसा भी… जिसने रक्षाबंधन पर बहन को ऐसा उपहार दिया, जिसकी कीमत समय के साथ बढ़ेगी और जो उसकी जिंदगी संवारने में काम आएगा।

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Author: Kpn 24

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