
मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर मध्यप्रदेश
KPN24 :- कोविड-19 के दौरान और उसके बाद लगातार अचानक हो रही मौत के सिलसिले ने आम जनमानस को सेहत के प्रति जागरुक कर दिया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहरभर में संचालित करीब दर्जनभर से ज्यादा जिम और लगभग इतनी ही छोटी-बड़ी व्यायाम शालाओं में सेहत बनाने वालों की भीड़ बढऩे लगी है।अब इस भीड़ में कोई आयु-वर्ग भी नहीं रहा। पहले बॉडी बिल्डिंग का जूनुन आमतौर पर 30 साल से कम के युवाओं में ही हुआ करता था लेकिन अब यहां अधेड़ से लेकर बुजुर्ग की वर्ग के लोगों को भी दंड लगाते और चेस्ट प्रेस पर जोर आजमाईश करते देखे जा सकते है।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों शहर में बॉडी बिल्डिंग का चलन जोरो पर है। जिम संचालकों की माने तो अब सेहत को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है, जिसका सीधा असर जिम और व्यायाम शालाओं में बढ़ती संख्या के रुप में देखा जा सकता है। हालांकि यह अच्छे संकेत है। इससे सेहतमंद समाज की परिकल्पना को साकार होते देखा जा सकता है।
हिंदी सिनेमा का बड़ा योगदान।
बॉडी बिल्डिंग के प्रति हर आयु-वर्ग के लोगों का बढ़ता रुझान हिंदी सिनेमा के कारण भी है। इसका सबसे बड़ा श्रेय सलमान खान को दिया जा सकता है। जिम में बॉडी बिल्डिंग का ये सफर आज जिस मुकाम पर पहुंचा है, इसकी यात्रा की सिल्वर जुबली हो चुकी है। करीब 27 साल पहले 1998 में आई फिल्म प्यार किया तो डरना क्या में सलमान खान ने ओ ओ जाने जाना, ढूंढे तुझे दीवाना गाने पर सबसे पहले शर्ट उतारकर युवाओं को 6 पैक से परिचित कराया। दबंग, जय हो, फोर्स और बॉडीगार्ड जैसी फिल्मों ने जिम तो आमिर खान अभिनीत फिल्म दंगल ने समाज को अखाड़ा और कुश्ती की तरफ आकर्षित करने में बड़ा रोल निभाया। बाद में अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ, आमिर खान और सनी देओल जैसे अभिनेताओं ने भी इसी ट्रेक पर चलकर अपनी फिल्मों में सफलता का परचम लहराया।
भीड़ से अलग हटकर दिखने का जुनून।
बॉडी बिल्डिंग महज एक शौक नहीं जुनून है। जो आजकल युवाओं ही नहीं 40 पार के अधेड़ों में भी देखा जा सकता है। दरअसल, भीड़ में सबसे अलग हटकर दिखने की चाह में शहरभर के जिम और अखाड़ों में इन्हें पसीना बहाने खींच लाती है। इतना ही नहीं दिनभर में करीब 2-3 घंटे रोजाना नियमित रुप से देने के बाद 1-2 साल बाद इसका सकारात्मक असर भी देखने को मिलता है। ऐसे लोगों को देखने का नजरिया समाज का अलग होता है।
सप्लीमेंट का लेना पड़ता है सहारा।
शहर के जय स्तभं स्थित फिटनेस 365 जिम संचालक आमिर की माने तो 6 पैक बनाने और बॉडी बिल्डिंग के लिए केवल वर्जिश या एक्सरसाईज नहीं वरन खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना होता है। इसमें शरीर को प्रचुर मात्रा में प्रोटीन देना होता है। इसके विकल्प के रुप में आजकल प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट्स का खूब चलन है। जिनकी मदद से और नियमित जिम में एक्सरसाईज करने से दूसरों से अलग दिखने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
कैप्शन- इस तरह जिम में जोर-आजमाईश करते सेहत पसंद लोग।










