
मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर।
KPN24:- जिलेभर में इन दिनों सूरज की गर्मी का पारा और कांग्रेस में नेताजी का पारा तमतमाया हुआ है। दरअसल, प्रदेशभर में सुस्त पड़ी कांग्रेस को एक्टिव मोड में लाने के लिए तमाम जिलाध्यक्षों को बदलने की कवायद की जा रही है और तय कार्यक्रम के अनुसार 16 जून को भोपाल से एक 3 सदस्यीय पर्यवेक्षक दल बुरहानपुर आकर शहर और जिला कांग्रेस के दावेदारों से मिलकर रायशुमारी करेगा। इसके बाद रिपोर्ट प्रदेश के सुप्रिमो को सौंपी जाएगी। उसके बाद दोनों ही जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की जा सकती है।
फिलहाल इसकी खबर आते ही छंटे-चौमासे नजर आने वाले नेताजी कुर्ता-पायजामा कलफ कराकर चौक-चौपाल पर बतियाते नजर आ रहे है। कुल मिलाकर सभी दावेदार परीक्षा से पहले अपने होमवर्क में जुटे है।
जिले में विपक्ष के पासवर्ड को डिकोड करने के लिए नए जिलाध्यक्ष की दरकार है। प्रदेश सहित जिले में भी कांग्रेस के हाल जुदा नहीं है। सुस्त, विरोधहीन और आपसी खिंचतान का आलम ये है कि एक का जूता दूसरे के पैर में आ नहीं रहा है। ऐसे में दर्जनों स्वयंभू जिलाध्यक्ष अपना-अपना राग अलाप रहे है। अब देखना होगा कि 16 जून की रायशुमारी के बीच समुद्र मंथन से कौनसा मोती निकलकर कांग्रेस की धूंधली होती जा रही छवि को चमका सकता है।
20 सालों तक चली रघुकुल रीत
दरअसल, जिला कांग्रेस में अजय रघुवंशी एकमात्र ऐसा नाम है जो पक्ष ही नहीं विपक्ष को भी साध कर चलने में माहिर है और यहीं कारण है कि करीब दो दशक तक उन्होंने अपने पाले में किसी को फटकने तक नहीं दिया। लेकिन लगातार फूल छाप कांग्रेस की बनती छवि और अंदरुनी कलह-विरोध के चलते रिंकू टांक को करीब दो साल पहले जिला कांग्रेस की शहरी जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन वे भी कोई मैजिक मूवमेंट हासिल नहीं कर पाए। जिससे कार्यकर्ताओं के हाथ बदलाव की उम्मीद की बजाय निराशा ही लगी।
दर्जनों दावेदार, सबकी अपनी ढफली, अपना राग।
शहर और ग्रामीण जिलाध्यक्ष के दावेदारों की बात करेंगे तो दर्जनभर ऐसे नाम है जो खुद को इसके लिए एलिजिबल मानकर चल रहे है। अब ऐसे में पर्यवेक्षकों की आमद चाहे मानसून के साथ हो या मानसून के बाद जिले में गुटबाजी की गर्मी से पसीने में तीनों सदस्यों का तर होना लगभग तय है। क्योंकि शहरी और ग्रामीण दोनों ही वर्तमान मुखियाओं से निचले स्तर का कार्यकर्ता खुश नहीं है। अब बदलाव की बयार बहने की कवायद से ही पुराने और दबे-कुचले चेहरों पर चमक साफ देखी जा सकती है।
शहर की दौड़ में रघुवंशी सबसे आगे
बता दें कि दो दशक तक जिले में कांग्रेस का दूसरा नाम रहे अजय रघुवंशी अपने स्वभाव और व्यवहार से सबका दिल जीतने में सक्षम रहे है। दो साल तक प्रदेश कमेटी की लूप लाईन में रहने के बाद अब फिर जिलाध्यक्ष की दावेदारी कर रहे है और इस दौड़ में वे सबसे आगे माने जा रहे है। रघुवंशी के अलावा ठाकुर गुट के युवा नेता हर्षित ठाकुर, नगर निगम अध्यक्ष पति और पूर्व पार्षद अमर यादव, पूर्व विधायक सुपुत्र और शिक्षाविद् नूर काजी सहित रफीक गुल मोहम्मद के नामों की भी चर्चा है और ये सभी अपनी-अपनी फिल्डिंग लगाने की जुगाड़ में है। जबकि ग्रामीण में वर्तमान जिलाध्यक्ष रामकिशन पटेल को आउट कर लोनी सरपंच प्रतिनिधि हेमंत पाटिल और रविन्द्र महाजन का नाम सबसे आगे है। जबकि इनके अलावा वर्तमान जिलाध्यक्ष रामकिशन पटेल सहित धूल कोट क्षेत्र के आदिवासी नेता अंतर सिंग बर्डे और कई छूट भैया नेता भी शामिल है।










