
मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर
KPN24:- बुरहानपुर शहर के लालबाग क्षेत्र में तुलसी मॉल के सामने की रहवासी पट्टी के पीछे से बह रहा नाला अतिक्रमण की जद में है। करीब 15 फीट का नाला अब बमुश्किल 4 फीट चौड़ी नाली बनकर रह गया है। दरअसल यहां दर्जनों रहवासियों ने अतिक्रमण कर कमरें, लेट-बाथ और ओटले बना लिए है।
जिनको स्वेच्छा से हटाने का नोटिस नगर निगम ने बीते साल दिसंबर में दिया था। जिसे लेकर अतिक्रमण करने वाले रहवासी भूल भी गए। अब 8 महीने बाद फिर जिन्न बाहर निकला और अचानक लाव-लश्कर के साथ निगम के अमले ने जाकर दर्जनभर मकान तोड़ दिए। इससे पहले की लोग कुछ समझ पाते घरों के पीछे दशकों से बने लेट-बाथ टूटने से अब यहां के रहवासी खूले में शौच को मजबूर है।
दरअसल, बात इतनी भी नहीं है। मसला तो ये है कि ये अतिक्रमण ढहाने का काम और भी जारी रहता लेकिन पता चला कि नाले के अतिक्रमण में सिर्फ रहवासी ही नहीं स्कूल भी है। यहां स्थित लालबाग हाईस्कूल की दीवार भी नाले से सट कर जा रही है और स्कूल के मैदान का भी कुछ हिस्सा अतिक्रमण में दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि हमारे मकान यहां पहले से है और स्कूल बाद में बना है। पहले स्कूल की दीवार पीछे थी लेकिन बाद में उसने अपना विस्तार करते हुए नाले को भी घेर लिया।
स्कूल की दीवार का कोना तोड़ा और रुकी कार्रवाई
रहवासी निरज कुमार वर्मा, अजय हिरामण मराठे, संगीता गुप्ता और ज्योति नाड़ीवाल ने बताया कि स्कूल की दीवार का कोना तोड़ते ही किसी का फोन आने पर निगम की टीम वापस चली गई। इससे पहले दर्जनभर से ज्यादा लोगों के घरों के कीचन, लेट-बाथ और ओटले तोड़ दिए। लोगों को अपना पक्ष रखने और सामान समेटने का मौका भी नहीं दिया। हमें करीब साल भर पहले नोटिस देकर 3 दिन का टाईम दिया था लेकिन इतने समय बाद अचानक आकर हमारा लाखों का नुकसान कर दिया।
शासन का नहीं पक्षपात का विरोध
रहवासी कैलाश गुप्ता, ममता इंदुरकर और ममता गुप्ता सहित अन्य रहवासियों का कहना है कि हमारा विरोध शासन की कार्रवाई को लेकर नहीं है लेकिन हमारे साथ पक्षपात किया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन को छोडक़र केवल रहवासियों के निर्माण ढहाए जा रहे है। यदि हमारा निर्माण अतिक्रमण में है तो हमें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए, जिससे हम अपना निर्माण स्वयं ढहा लें। जिससे हमारा नुकसान कम हो लेकिन नाले की नप्ती की जानी चाहिए, जिससे पता चलेगा कि स्कूल ने बाउंड्री वाल के नाम पर कितना अतिक्रमण किया है। उसे भी तोड़ा जाना चाहिए।
करेंगे जमकर विरोध प्रदर्शन
रविवार को नगर निगम को कोसते हुए पक्षपात का आरोप लगाते हुए दर्जनों रहवासियों ने बताया कि यदि स्कूल को छूट दी गए और हमारे अतिक्रमण तोडऩे आए तो अब जोरदार विरोध किया जाएगा। इसके लिए यदि हमें जनप्रतिनिधियों के पास भी जाना पड़ा तो हम पीछे नहीं हटेंगे। हमारे खून पसीने की कमाई से घरौंदे सजाए है और इन पर पक्षपात की कार्रवाई नहीं होने देंगे।










