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छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

KPN24 :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में भाग लेते हुए देशभर के स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में औद्योगिक यूनिट स्थापित करने का आमंत्रण दिया। यह समिट कॉनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (CII) द्वारा पूर्वी भारत के पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ – के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें 250 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें ग्रीन स्टील उत्पादन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रीन स्टील उत्पादन करने वाले उद्योगों को विशेष अनुदान दिए जाने का प्रावधान नीति में किया गया है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्टील हब इंडिया’ विजन के अनुरूप है।

उत्पादन लक्ष्य में बड़ा विस्तार

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि देश में स्टील उत्पादन को वर्ष 2030 तक 300 मिलियन टन तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य में इसे 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार कर ली गई है।

खनिज संपदा से समृद्ध राज्य, औद्योगिक विस्तार की व्यापक संभावनाएँ

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ को खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य बताते हुए कहा कि इनका उचित दोहन औद्योगिक विकास को गति देगा और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने ‘अंजोर विज़न’ दस्तावेज़ का ज़िक्र करते हुए बताया कि यह विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है और इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

रेलवे और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 47,000 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग, किरंदुल-कोठागुडेम नई रेललाइन, तथा खरसिया-परमालकसा रेल नेटवर्क जैसे प्रोजेक्ट स्टील सेक्टर की लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को मजबूती प्रदान करेंगे।

इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस में 350 से अधिक सुधार

श्री साय ने बताया कि राज्य सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के तहत 350 से अधिक नीतिगत सुधार लागू किए हैं, जिनका सीधा लाभ निवेशकों को मिलेगा। साथ ही, ग्रीन एनर्जी को अपनाने वाले उद्योगों के लिए भी विशेष अनुदान की व्यवस्था की गई है। उन्होंने ग्रीन स्टील उत्पादन हेतु हाइड्रोजन जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग को लेकर संतोष व्यक्त किया।

औद्योगिक कॉरिडोर और स्टील क्लस्टर विकास की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर, दुर्ग और भिलाई को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन में एक बड़ा स्टील क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इसके साथ-साथ औद्योगिक कॉरिडोर, नए औद्योगिक पार्क और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

प्रशिक्षित जनशक्ति और नई लॉजिस्टिक नीति

बस्तर क्षेत्र के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया सेंटर प्रारंभ किए गए हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित जनशक्ति मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई लॉजिस्टिक नीति के अंतर्गत ड्राय पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो जैसी सुविधाओं पर भी अनुदान मिलेगा।

समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने CII द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ CII छत्तीसगढ़ के चेयरमैन संजय जैन, को-चेयरमैन सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन बजरंग गोयल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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