
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले बिर्रा गांव के धीवर मोहल्ला, घनवापारा सहित आसपास के इलाकों में इन दिनों बिजली की आंख मिचौली और लो वोल्टेज की समस्या ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। बिजली की अघोषित कटौती और पानी की किल्लत ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि विभाग में सुनवाई की कोई व्यवस्था नहीं है और बार-बार शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
मिली जानकारी अनुसार स्थानीय निवासी बताते हैं कि कभी भी बिजली चली जाती है और इसका कोई तय समय नहीं है। स्थिति यह है कि मोहल्ले के एक हिस्से में बिजली पूरी रात रहती है, जबकि दूसरे हिस्से में लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। इससे मोहल्ले के लोग अब दबी जुबान में इसे “अमीर-गरीब मोहल्ला विभाजन” बताने लगे हैं।
रात में जब बिजली जाती है तो पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे न सिर्फ मच्छरों, सांप-बिच्छुओं का खतरा बढ़ता है, बल्कि बीमारियां भी फैलने लगी हैं। लो वोल्टेज के चलते पंखे, कूलर, टीवी जैसे जरूरी उपकरण भी ठीक से नहीं चल पा रहे। इससे रोजेदारों और बुजुर्गों को खासा दिक्कत हो रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिर्रा सब स्टेशन में इन दिनों ‘रामराज्य’ जैसा माहौल है। वहां अधिकारियों की उपस्थिति न के बराबर रहती है, और रात में कोई लाइनमैन ड्यूटी पर नहीं मिलता। बिर्रा, देवरानी, सिलादेही, मौहाडीह, गत्वा और बोरसी सहित कुल तेरह गांवों के लिए कुछ गिने-चुने लाइनमैन ही मौजूद हैं, जिससे बिजली आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।
पानी की समस्या भी बिजली कटौती के कारण विकराल होती जा रही है। बिजली न होने के कारण मोटर पंप नहीं चल पा रहे, जिससे लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी भी मुश्किल से मिल पा रहा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बढ़ते बिजली लोड के कारण ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या हो रही है, लेकिन लोगों का आरोप है कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है, अन्यथा विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।










