
KPN24:- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से सुदूर अंचलों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
सक्ती विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम उपकाचुवां की शासकीय प्राथमिक शाला उपकाचुवां पहले एकल शिक्षकीय शाला के रूप में संचालित हो रही थी। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। परंतु युक्तियुक्तकरण योजना के तहत अब यहां शिक्षिका सुश्री सरला धीवर की नियुक्ति की गई है, जिससे विद्यालय की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।
विद्यालय के प्रधान पाठक महेन्द्र बहरा ने बताया कि, “हमारा विद्यालय लंबे समय से एकल शिक्षकीय शाला था, जिससे पढ़ाई में कई कठिनाइयाँ आती थीं। लेकिन अब नई शिक्षिका की नियुक्ति से न सिर्फ शिक्षण व्यवस्था बेहतर हुई है, बल्कि बच्चों में भी पढ़ाई को लेकर उत्साह बढ़ा है।”
गांववासियों के अनुसार, इस पहल से गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और अब अभिभावकों को उम्मीद है कि उनके बच्चों को भी अन्य शहरी स्कूलों के समान बेहतर शिक्षा मिलेगी।
राज्य सरकार की यह योजना न सिर्फ दूरस्थ अंचलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने में कारगर साबित हो रही है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में समानता और समावेशन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।










