
KPN24 :- भारतरत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित अवंती विहार चौक में माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदानों का स्मरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा, “आज हम छत्तीसगढ़वासी अपने पते में जिस ‘छत्तीसगढ़’ शब्द का उपयोग करते हैं, वह अटल जी की ही देन है। वे हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। एक पत्रकार, कवि और प्रखर राजनेता के रूप में उन्होंने देशवासियों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उनके भाषण का सभी लोग बेसब्री से इंतजार करते थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 25 सप्ताह तक चलने वाले छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण रजत महोत्सव का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा, “आज यदि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती मना रहे हैं तो यह अटल जी की ही देन है। इस अवसर पर सभी विभागों द्वारा विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह वर्ष अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है, जिसे हमने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत अधोसंरचना विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान भी किया गया है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि अटल जी ने जिस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, आज राज्य उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। “पिछले 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि हमने अगले 25 वर्षों में विकसित राज्य बनने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047’ रोडमैप तैयार किया गया है।”
अपने संस्मरण साझा करते हुए श्री साय ने बताया कि उनका सौभाग्य रहा कि जब अटल जी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, उसी समय वे सांसद के रूप में निर्वाचित हुए। संसद में अटल जी के भाषण सुनना सभी सांसदों के लिए प्रेरणादायी होता था। उन्होंने याद किया कि जब संसद में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण बिल प्रस्तुत हुआ, उस समय वे स्वयं श्रोता के रूप में मौजूद थे और राज्यसभा सांसद स्व. लखी राम अग्रवाल एवं स्व. दिलीप सिंह जूदेव ने भी अपना पक्ष रखा था।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अटल जी ने हमें सिखाया कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं है, बल्कि सिद्धांत, संवाद और संवेदना की कला है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है और उनकी वाणी आज भी हमारे दिलों में गूंजती है।”
कार्यक्रम को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर किशोर महानंद, जयंती पटेल, अवंती विहार व्यापारी संघ के पदाधिकारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










