
KPN24:- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार “रेडी-टू-ईट” निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा – “महिलाओं की तरक्की और बच्चों का स्वास्थ्य, दोनों को नया आयाम देगा यह अभियान”
हाल ही में मुख्यमंत्री श्री साय ने रायगढ़ जिले की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे थे। मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से पूरा होने के बाद अब ग्राम पंचायत कोतरलिया से “रेडी-टू-ईट” उत्पादन औपचारिक रूप से शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि देशभर में 3 करोड़ “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया यूनिट का शुभारंभ

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में “रेडी-टू-ईट” निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर उत्पादन प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिला समूहों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा – “रायगढ़ से शुरू हुई यह पहल जल्द ही पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनेगी।”
2709 आंगनबाड़ी केंद्रों को होगा लाभ
रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनके लिए चयनित 10 महिला समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।
रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ और कापू की परियोजनाओं में चयनित समूह जल्द ही उत्पादन शुरू करेंगे।
6 जिलों में चल रहा है पायलट प्रोजेक्ट
महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति की दिशा में यह मिशन प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों – बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ और सूरजपुर – में लागू किया जा रहा है।
इनमें रायगढ़ पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने “रेडी-टू-ईट” उत्पादन की शुरुआत की है।










