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बाढ़ पीड़ितों को राशन-इलाज के साथ अब जरूरी दस्तावेज बनाने का काम भी शुरू, तत्काल मुआवजा और सहायता से मिली बड़ी राहत

KPN24:- बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। विदेश दौरे से लौटकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुँचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। अब इन निर्देशों पर त्वरित अमल हो रहा है।

बाढ़ प्रभावित नागरिकों को राशन, इलाज, दवाइयाँ, गैस चूल्हा और सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। राहत शिविरों में दैनिक जीवन की सभी सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। पानी उतरने के बाद अब नुकसान का वास्तविक आकलन शुरू हो गया है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा एवं अन्य सहायता राशि प्रदान करने की कार्यवाही भी तेज गति से जारी है।

राजस्व विभाग ने बाढ़ में खराब या नष्ट हुए जरूरी दस्तावेज बनाने का काम शुरू कर दिया है। प्रभावित किसानों को लोहंडीगुड़ा तहसील के मांदर गांव में किसान किताबें वितरित की गईं, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। साथ ही प्रभावितों को नए राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और बैंक पासबुक भी तैयार कर दिए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और पात्र परिवारों को तत्काल राहत राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर कर रही हैं।

सरकार ने मकान, फसल, पशु और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू की है। पूरी पारदर्शिता के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पीड़ितों तक सहायता राशि समय पर पहुँचे।

स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। प्रभावित ग्रामीण मुरहा पटेल ने कहा, “हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन की यह पहल मानवीय दृष्टिकोण की मिसाल मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट है कि आपदा की घड़ी में राज्य सरकार न केवल राहत बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। ऐसे प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों रूपों में सहारा प्रदान कर रहे हैं, जिससे वे जल्द ही सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

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Author: Kpn 24

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