
KPN24 :- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम “के मार्ट” में आज एक दिलचस्प दृश्य देखा गया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक मार्ट में कदम रखा। उन्होंने आम ग्राहकों के साथ समय बिताया और उनके साथ खरीदी की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वयं 1,645 रुपये के घरेलू सामान की खरीदारी की और यूपीआई से भुगतान किया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्राहकों से जीएसटी दरों में कटौती से उनके घरेलू बजट पर पड़े असर के बारे में पूछा। इस पहल का उद्देश्य था यह सुनिश्चित करना कि जीएसटी रिफॉर्म्स का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ इस दौरान कई लोग अपने अनुभव साझा करते हुए नजर आए।
“यह तो बचत क्रांति है, जीएसटी कटौती नहीं!”
मार्ट में खरीदारी करते हुए एक रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने मुख्यमंत्री से कहा, “अगर इतिहास में कभी जीएसटी की इस तरह की ऐतिहासिक कटौती का जिक्र होगा, तो यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई बजट क्रांति के रूप में ही होगा। पहले हम जो राशन 30 दिन के लिए खरीदते थे, अब उसी रकम से 40 दिन का राशन खरीद पा रहे हैं।”
स्टेशनरी पर भी जीरो प्रतिशत टैक्स!
रायपुर के अवंती विहार निवासी श्री लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी में सुधार का असर सिर्फ घरेलू सामान पर ही नहीं, बल्कि शिक्षा सामग्री पर भी पड़ा है। “पहले स्टेशनरी पर 12 प्रतिशत टैक्स था, लेकिन अब यह शून्य कर दिया गया है। इससे बच्चों की किताबों और कॉपियों की कीमतों में भारी कमी आई है,” उन्होंने खुशी से कहा।
“बजट से ज्यादा सामान खरीद पाया, जीएसटी सुधार ने दी राहत”
मार्ट में शॉपिंग करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने कहा, “मैं आज केवल चार जरूरी सामान लेने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कटौती ने मुझे इतना सस्ता सामान दिया कि मैंने चार गुना ज्यादा सामान खरीद लिया।”
“मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई”
चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने भी जीएसटी सुधारों के सकारात्मक असर की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है। पहले जिन चीजों को हम ज्यादा कीमत में खरीदते थे, अब उन पर कम खर्च हो रहा है।”
“त्योहारी खरीदारी में राहत मिली”
श्रीमती सविता मौर्य और अनीता साकार जैसे कई ग्राहक नवरात्रि में कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आए थे। उन्होंने कहा, “जीएसटी दरों में कमी से अब हम ज्यादा सामान खरीद पा रहे हैं। पहली बार ऐसा लगता है कि त्योहारी सेल सिर्फ विज्ञापन का हिस्सा नहीं, बल्कि सच में राहत लेकर आई है।”










