
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज कलेक्ट्रेट परिसर से बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण अधिकार गजेंद्र सिंह जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प के अनुरूप राज्य को वर्ष 2028-29 तक बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य से जिले में जागरूकता रथ को रवाना किया गया है। यह रथ गांव-गांव और शहरों में दुर्गा पंडालों तक पहुंचेगा और लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराएगा। साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाकर बाल विवाह रोकथाम हेतु आमजन को जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत विवाह की न्यूनतम आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से कम होने पर बाल विवाह कराना दंडनीय अपराध है।
अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में पुलिस विभाग द्वारा अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा तथा विवाह कराने वाले माता-पिता, रिश्तेदार और पंडित पर कार्रवाई होगी। इसमें दो वर्ष का कठोर सश्रम कारावास, एक लाख रुपये का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।










