
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में पोषण अभियान एवं स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत तथा अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला सुरक्षा, महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण तथा बाल विवाह रोकथाम विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और प्रतिभागियों को “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” एवं बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में विधायक जांजगीर-चांपा ब्यास कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रियंका सिंह, श्रीमती उमा राठौर, श्रीमती मोहन कुमारी, कलेक्टर जनमेजय महोबे, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नंदनी राजवाड़े, पूर्व जनपद अध्यक्ष नवागढ़ पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समिति सदस्य श्रीमती उषा शांडिल्य, विषय विशेषज्ञ विपिन ठाकुर, श्रीमती संगीता पांडे, राजकुमार शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं बालिकाएं उपस्थित थीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि नारी हर परिवार की आधारशिला है, जो समाज को अपनी शक्ति और संवेदना से संवारती है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि रसोई में स्थानीय रूप से उपलब्ध ताजी सब्जियों और अनाज से तैयार पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि “हमारी रसोई ही हमारा औषधालय है”। उन्होंने बताया कि रसोई में मौजूद अनेक खाद्य पदार्थों में औषधीय गुण होते हैं, जो छोटी-मोटी बीमारियों में राहत दिलाने में सहायक हैं।
कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण देना समाज की प्राथमिक आवश्यकता है। कुपोषण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा डालता है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ समाज की कुरीतियों से भी जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से पोषण अभियान और स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को जन-जन तक पहुंचाना है। मास्टर ट्रेनर विपिन ठाकुर ने बाल विवाह रोकथाम के कानूनी प्रावधानों और सामाजिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों द्वारा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। वहीं स्कूली बालिकाओं ने छत्तीसगढ़ की नारी शक्तियों के प्रेरक चरित्रों की वेशभूषा में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कलेक्टर जनमेजय महोबे ने मेधावी छात्राओं, क्विज प्रतियोगिता की विजेता बालिकाओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।










