
KPN24:- छत्तीसगढ़ प्रदेश के मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। समारोह में उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है और सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा ही है।”
मुख्यमंत्री ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बताया कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान — जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट — स्थापित किए गए हैं। इन संस्थानों से स्थानीय विद्यार्थियों को शिक्षा और अवसर दोनों मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने संगठित समाज का संदेश देते हुए कहा कि समाज का संगठन ही राष्ट्र को मजबूत बनाता है। उन्होंने पनिका समाज की कला, साहित्य और सांस्कृतिक योगदान पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में काछनदेवी रस्म में देवी माँ जिस कन्या पर अवतरित होती हैं, वह पनिका समाज की होती है।
श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूलमंत्र — सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास — का हवाला देते हुए बताया कि उनकी सरकार पिछले 22 महीनों से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर कार्यरत है। उन्होंने कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और दूरस्थ अंचलों में शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसी पहलों का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शम्भु नाथ चक्रवर्ती ने भी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। समारोह में पनिका समाज के अध्यक्ष भरत दास मानिकपुरी, अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।










