
KPN24:- जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भव्य भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि “बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने अपनी संस्कृति, धर्म और परंपरा को कभी नहीं छोड़ा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुरखों के बताए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह प्रेरणादायक कथन – “जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे” – आज भी हमें नई सोच और ऊर्जा देता है। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले “बाबा कार्तिक उरांव चौक” का भूमि पूजन किया। उन्होंने मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा करते हुए कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान का प्रतीक बनेगा।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि “बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को सम्मान देते हुए समाज को विकास के मार्ग पर अग्रसर किया।”
सांसद चिंतामणि महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “बाबा कार्तिक उरांव ने शिक्षा, एकता और जागरूकता का संदेश देकर समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया। आज आवश्यकता है कि हम उनके बताए मार्ग पर चलकर जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और संगठित बनाएं।”
इस अवसर पर सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










