
KPN24 :- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की तिथियों की घोषणा के साथ ही राज्य में इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
इसी क्रम में, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) यशवंत कुमार ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने कार्यालय के सभागार में राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की तथा तत्पश्चात विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक दलों को मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रक्रिया, तिथियों एवं तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना था, ताकि यह प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और सर्वसमावेशी रूप में संपन्न हो सके।
मतदाता सूची पुनरीक्षण की कार्यप्रणाली
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नियुक्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) के निर्देशन में बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) कार्य करेंगे।
बी.एल.ओ. मतदाताओं के घर-घर जाकर नए नाम जोड़ने हेतु फॉर्म-6 एवं घोषणा पत्र एकत्र करेंगे, मृत अथवा स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करेंगे, और आधार लिंकिंग की प्रक्रिया में सहायता प्रदान करेंगे।
मतदाता अपने विवरण ऑनलाइन भी अद्यतन कर सकेंगे। प्रत्येक मतदाता के घर का कम से कम तीन बार दौरा किया जाएगा ताकि कोई पात्र नागरिक छूट न जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में सम्मिलित न हो।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों —
भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), बहुजन समाज पार्टी (BSP), आम आदमी पार्टी (AAP), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) तथा नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) — के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीईओ यशवंत कुमार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन कर्मियों को सहयोग प्रदान करें, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि बीएलए मतदाताओं से विधिवत भरे इलेक्टोरल फॉर्म (E.F.) एकत्र कर सकते हैं, प्रतिदिन 50 फॉर्म तक प्रमाणित कर बीएलओ को सौंप सकते हैं।
मुख्य चरण और निर्धारित कार्यक्रम
सीईओ कार्यालय द्वारा साझा की गई प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं —
चरण अवधि / तिथि
1. मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य 28 अक्टूबर से 03 नवम्बर 2025
2. घर-घर गणना (वेरिफिकेशन) चरण 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025
3. मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 09 दिसम्बर 2025
4. दावे एवं आपत्तियों की अवधि 09 दिसम्बर 2025 से 08 जनवरी 2026
5. नोटिस, सुनवाई एवं सत्यापन चरण 09 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026
6. अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07 फरवरी 2026
मतदाता सूची को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सीईओ यशवंत कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि राज्य में एक भी पात्र नागरिक मतदान अधिकार से वंचित न रहे तथा मतदाता सूची पूर्णतः पारदर्शी और अद्यतन हो। उन्होंने कहा कि “मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है, और इसकी शुद्धता प्रत्येक चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करती है।”










