
KPN24:- राष्ट्रपति के हस्ताक्षर देश में लागू हुए वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम पर अब सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली नई याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वो 100 याचिकाओं को एंटरटेन नहीं करेंगे।
मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने याचिकाकर्ता सैयद अली अकबर के वकील से कहा कि वे लंबित पांच मामलों में हस्तक्षेप आवेदन दायर करें, जिन पर अंतरिम आदेश पारित करने के लिए 5 मई को सुनवाई होगी।
सीजेआई ने कहा, आप इसे वापस ले लें, हमने 17 अप्रैल को एक आदेश पारित किया था, जिसमें कहा गया था कि केवल पांच याचिकाओं पर ही सुनवाई होगी।
कोर्ट ने क्या कहा?
17 अप्रैल को, पीठ ने अपने समक्ष कुल याचिकाओं में से केवल पांच पर सुनवाई करने का फैसला किया और मामले का शीर्षक रखा। ‘इन री: वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025’। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी), जमीयत उलमा-ए-हिंद, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), कर्नाटक राज्य एयूक्यूएएफ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अनवर बाशा (वकील तारिक अहमद द्वारा प्रतिनिधित्व), कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और मोहम्मद जावेद सहित लगभग 72 याचिकाएं कानून के खिलाफ दायर की गई थीं।
Author: Kpn 24
Post Views: 306










