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मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा प्रशासनिक नवाचारों से छत्तीसगढ़ में सुशासन को नई गति

रायपुर, 25 दिसंबर | KPN24.com छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की औपचारिक घोषणा की। यह पुरस्कार राज्य के जिलों एवं विभागों द्वारा लागू किए गए उन उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को प्रदान किए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये पुरस्कार इस बात का प्रतीक हैं कि छत्तीसगढ़ शासन लोक प्रशासन में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की गुणवत्ता का आकलन केवल नीतियों या व्यय से नहीं, बल्कि उनके मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान से किया जाना चाहिए।
312 प्रविष्टियों में से 10 नवाचारों का चयन
मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के लिए इस वर्ष जिलों एवं विभागों से कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें
275 प्रविष्टियाँ जिलों से
37 प्रविष्टियाँ राज्य स्तरीय विभागों से थीं।
दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण में 55 नवाचार शॉर्टलिस्ट किए गए, इसके बाद 13 फाइनलिस्ट चुने गए और अंततः 10 उत्कृष्ट नवाचारों को विजेता घोषित किया गया।
मूल्यांकन में
परिणाम – 50 अंक
विस्तार-योग्यता – 40 अंक
नवाचार – 10 अंक
का भार निर्धारित किया गया, जिससे परिणाम-आधारित प्रशासन को प्राथमिकता दी जा सके।
जिला श्रेणी के प्रमुख विजेता नवाचार
दंतेवाड़ा: ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण — भूमि रिकॉर्ड अब मिनटों में उपलब्ध, धोखाधड़ी पर पूर्ण रोक।
जशपुर: निर्माण जशपुर — 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी, कार्यों में पारदर्शिता और गति।
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी: संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) — गंभीर कुपोषण में 77.5% सुधार।
गरियाबंद: हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप — मानव–वन्यजीव संघर्ष में भारी कमी, जनहानि लगभग शून्य।
नारायणपुर: इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल — आंतरिक सुरक्षा में डेटा आधारित निर्णय और बेहतर समन्वय।
विभागीय श्रेणी में उत्कृष्ट पहल
शिक्षा विभाग: विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) — 56 हजार से अधिक स्कूलों की AI आधारित निगरानी।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग: वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम — 136 सेवाओं का एकीकृत प्लेटफॉर्म।
आबकारी विभाग: ई-गवर्नेंस सुधार मॉडल — ₹5,425 करोड़ का राजस्व संग्रह, पारदर्शिता में वृद्धि।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग: FDS 2.0 – ई-कुबेर — ₹1,776 करोड़ से अधिक के कैशलेस लेन-देन।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: मनरेगा QR कोड सूचना प्रणाली — 11,000 से अधिक पंचायतों में पारदर्शिता।
“नवाचार शासन की आवश्यकता है” — मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन में नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा,
“नागरिकों की बेहतर सेवा के लिए शासन का निरंतर विकसित होना आवश्यक है। तकनीक, संवेदनशीलता और परिणाम—यही भविष्य के सुशासन की पहचान हैं।”
उन्होंने बताया कि पुरस्कार प्राप्त करने वाली टीमें प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में नेतृत्व विकास कार्यक्रम में भाग लेंगी, ताकि ये नवाचार भविष्य में राज्य शासन के मानक बन सकें।
छत्तीसगढ़ में नागरिक-केंद्रित शासन की नई शुरुआत
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ शासन लोक प्रशासन में नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा, जिससे प्रत्येक नागरिक तक समयबद्ध, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख सेवाएँ पहुँच सकें।
मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 छत्तीसगढ़ में तकनीक-सक्षम, डेटा-आधारित और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक मजबूत आधार सिद्ध हो रहे हैं।

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Author: Kpn 24

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