
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 के संबंध में परिचर्चा सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य शासकीय एवं निजी कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने हेतु अधिनियम की जानकारी देना रहा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला के दौरान इंटरनेट एवं मोबाइल के माध्यम से होने वाले अपराधों, साइबर अपराधों तथा लैंगिक अपराधों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को यह बताया गया कि यदि समिति के समक्ष लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित कोई मामला आता है, तो अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप उसकी जांच एवं कार्यवाही किस प्रकार की जानी चाहिए।
कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी कार्यालय, संस्थान अथवा प्रतिष्ठान में कार्यरत महिला—चाहे वह श्रमिक ही क्यों न हो—यदि लैंगिक उत्पीड़न की शिकार होती है, तो वह आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है।
कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न शासकीय कार्यालयों, निजी संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों की आंतरिक शिकायत समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्यों को अपने-अपने कार्यालयों में समिति का डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही भारत शासन की ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली ‘शी-बॉक्स पोर्टल’ पर अपनी आंतरिक शिकायत समिति की जानकारी डैशबोर्ड में अपलोड करने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समिति की अध्यक्ष श्रीमती संगीता पाण्डेय, सदस्य श्रीमती उषा शांडिल्य (अधिवक्ता) सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










