
KPN24:- कहते हैं सच्ची लगन और सही दिशा मिल जाए तो किस्मत भी रास्ता बदल लेती है। राजनांदगांव के वैशाली नगर निवासी प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है।
योजना के अंतर्गत उन्होंने चिरौंजी, हर्रा और बहेरा आधारित लघुवनोपज प्रोसेसिंग उद्योग की शुरुआत की। मशीन और शेड निर्माण के लिए 5.50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें 2.13 लाख रुपये से अधिक का अनुदान प्राप्त हुआ। आधुनिक मशीनों की मदद से अब वे तेल निष्कर्षण, गिरी पृथक्करण और चारकोल निर्माण जैसे कार्य कर रहे हैं।
उद्योग से कौरिनभाठा की महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं को स्थायी रोजगार मिला है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। सोलर ऊर्जा से संचालित यूनिट के कारण उत्पादन लागत कम हुई है और काम लगातार चल रहा है।
आज प्रदीप का व्यवसाय छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक फैल चुका है, जिससे उन्हें सालाना करीब 4 लाख रुपये की आय हो रही है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की योजनाओं को देते हुए आभार व्यक्त किया।










