
घटना की निष्पक्ष जांच, इंदौर महापौर व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे सहित मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग – रवि नाईक
मनीष विद्यार्थी खरगोन |
KPN24:- इंदौर में दूषित पानी के सेवन से डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी 11 जनवरी को इंदौर में बड़ा गणपति से राजवाड़ा तक विशाल पैदल मार्च निकालेगी। इस विरोध मार्च में खरगोन जिले से भी हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
जिला कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश मंडलोई ने जानकारी देते हुए बताया कि पैदल मार्च की तैयारियों को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक ने सभी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, विधायकों, वर्ष 2023 के विधानसभा प्रत्याशियों एवं वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर रणनीति बनाई है, ताकि अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
जिला अध्यक्ष रवि नाईक ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी से हुई मौतों के लिए इंदौर नगर निगम पूरी तरह जिम्मेदार है, इसलिए नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही घटना को लेकर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की भी मांग की गई है।
रवि नाईक ने कहा कि जिन 18 लोगों की मौत हुई है, उनमें से कई अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। अब उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसी स्थिति में मृतकों के परिजनों को तत्काल एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
जिला प्रवक्ता राजेश मंडलोई ने बताया कि इंदौर की इस घटना को लेकर निमाड़ अंचल में आम जनता के बीच दहशत और आक्रोश का माहौल है।
कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतर रही है। इसी क्रम में खरगोन जिले के प्रत्येक ब्लॉक से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता 11 जनवरी को इंदौर पहुंचेंगे, जिसके लिए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अंत में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जिले के समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे 11 जनवरी को इंदौर में आयोजित विशाल पैदल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पीड़ितों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करें।










