
KPN24 :- सारंगढ़-बिलाईगढ़।जिले के अंतर्गत ग्राम रांपागुला में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रथम दिवस पर विशाल कलशयात्रा एवं शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिली।
कथा स्थल पर व्यासपीठ से राष्ट्रीय कथावाचिका सुश्री पूजा किशोरी जी द्वारा कथा वाचन किया जा रहा है, जबकि धार्मिक अनुष्ठान में आचार्य पं. हेमेंद्र तिवारी मार्गदर्शन कर रहे हैं। श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित की जा रही है।
प्रथम दिवस की शुरुआत भव्य कलशयात्रा से हुई। इस दौरान मुख्य यजमान खेमराज साहू एवं श्रीमती त्रिवेणी साहू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवतियां सिर पर कलश धारण कर ग्राम भ्रमण पर निकलीं। वहीं कथावाचिका सुश्री पूजा किशोरी जी रथ पर आरूढ़ होकर ग्राम भ्रमण करती रहीं। कलशयात्रा राम संकीर्तन के साथ निकाली गई, जिसमें पूरे गांव का वातावरण भक्तिमय हो गया।
देव आह्वान एवं वेदी पूजन के पश्चात प्रथम दिवस की कथा में कथावाचिका सुश्री पूजा किशोरी जी ने श्रीमद् भागवत कथा के महात्म्य एवं शुकदेव आगमन प्रसंग का भावपूर्ण एवं विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि यह अमर कथा भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को सुनाई जा रही थी, जिसे एक तोते (शुक) ने श्रवण किया और बाद में वह व्यास जी की पत्नी के गर्भ में प्रवेश कर गया। बारह वर्षों के पश्चात वही शुकदेव ऋषि के रूप में प्रकट हुए और आगे चलकर उन्होंने राजा परीक्षित को श्रीमद् भागवत कथा का उपदेश दिया।
प्रथम दिवस की कथा में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। संगीतमय भजनों के माध्यम से “राधे-राधे” की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो गया।










