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बस्तर पंडुम 2026: अमित शाह बोले— बारूद नहीं, संस्कृति है बस्तर की असली पहचान

55 हजार आदिवासियों की सहभागिता ने दिया नक्सल भय से मुक्ति का संदेश

रायपुर, 9 फरवरी 2026 | KPN24.com

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बस्तर की पहचान कभी बारूद नहीं रही, उसकी असली पहचान यहां की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराएं और विरासत हैं।”
उन्होंने कहा कि जिस बस्तर को कभी नक्सल भय, IED धमाकों और गोलियों की आवाज़ों से जाना जाता था, आज वही बस्तर 55 हजार आदिवासियों की सांस्कृतिक भागीदारी के साथ देश को नई दिशा दिखा रहा है।
12 विधाओं में संस्कृति का पुनर्जागरण
गृह मंत्री ने बताया कि इस वर्ष बस्तर पंडुम में खान-पान, लोकनृत्य, गीत, नाटक, वेशभूषा, परंपरा, वन औषधि सहित कुल 12 सांस्कृतिक विधाओं को शामिल किया गया।
सात जिलों की 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपद मुख्यालयों से आए प्रतिभागियों ने बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत कर दिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि पिछली बार 7 विधाओं से शुरू हुआ यह आयोजन अब 12 विधाओं तक पहुंच चुका है, जो बस्तर की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है।
मोदी सरकार जनजातीय संस्कृति को दिला रही वैश्विक पहचान
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि बस्तर की संस्कृति देश ही नहीं, दुनिया के मंच पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा जी की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस और उनकी 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित करना मोदी सरकार के जनजातीय समाज के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि जनजातीय शिल्प, व्यंजन, वन उत्पाद और कला की ब्रांडिंग व मार्केटिंग कर लाखों आदिवासी परिवारों को आर्थिक मजबूती दी जा रही है।
नक्सलियों को साफ संदेश: आत्मसमर्पण करें, पुनर्वसन मिलेगा
गृह मंत्री ने दो टूक कहा—
“जो नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनका सम्मान के साथ पुनर्वसन करेगी, लेकिन जो हथियार उठाएंगे, उन्हें हथियार से ही जवाब मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का मूल उद्देश्य आदिवासी किसानों, निर्दोष बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा है।
IED विस्फोटों से होने वाली पीड़ा को बताते हुए उन्होंने शेष नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
बस्तर बनेगा सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र
अमित शाह ने घोषणा की कि अगले 5 वर्षों में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि—
118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है
रोजगार के लिए नई पर्यटन गतिविधियाँ शुरू होंगी
एडवेंचर टूरिज्म, होम-स्टे, कैनोपी वॉक, ग्लास ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट
हर गांव में सड़क, मोबाइल टावर, पोस्ट ऑफिस और बैंक
₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीदी
5 किलो मुफ्त अनाज प्रति व्यक्ति
नल से जल, गैस सिलेंडर और बेहतर स्वास्थ्य-शिक्षा सुविधाएं
उन्होंने कहा कि अब बस्तर में कर्फ्यू नहीं, रात में सांस्कृतिक नृत्य दिखाई देते हैं— यही असली बदलाव है।
बस्तर नक्सल मुक्त होगा, इसमें कोई संदेह नहीं
अंत में अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में शामिल सुरक्षाबलों को धन्यवाद दिया और बलिदानी जवानों के परिजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्धारित समय सीमा में बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा।

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Author: Kpn 24

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