
KPN24.com रायपुर, 6 मार्च 2026
प्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि निर्माण कार्य में लापरवाही या घटिया गुणवत्ता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह कड़े निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग (PWD) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निर्माण के दौरान ही करें कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क बनने के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि आम जनता की सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण अधोसंरचना है और इससे सरकार की छवि भी बनती है। यदि कुछ वर्षों में ही सड़कें खराब हो जाएं तो सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर नाराजगी
बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले बनी सड़क का इतनी जल्दी खराब हो जाना गंभीर लापरवाही का संकेत है। इस मामले में निर्माण की कमियों की जांच करने और भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने देने के निर्देश दिए गए।
टेंडर से अवॉर्ड तक तय होगी समय-सीमा
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण के टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन (अवॉर्ड) तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई बार ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर ले लेते हैं, जिससे कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा नहीं हो पाता। ऐसे मामलों में ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाएगी।
बारिश में कटने वाले 300 गांवों को जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। कई बार मरीजों को खाट में उठाकर ले जाना पड़ता है, जो बेहद चिंताजनक है। ऐसे गांवों को सड़क और पुल-पुलियों के माध्यम से प्राथमिकता के साथ जोड़ने के निर्देश दिए गए।
कई प्रमुख सड़कों की प्रगति की समीक्षा
बैठक में मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-43 की लगभग 353 किलोमीटर लंबी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग, गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग, चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग, रायपुर–दुर्ग मार्ग और चिल्फी क्षेत्र की सड़कों सहित कई परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई।
बस्तर में 17 सड़कों के निर्माण पर भी चर्चा
बैठक में बस्तर क्षेत्र में पुल-पुलिया निर्माण सहित 17 सड़कों के निर्माण और उन्नयन की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राज्य द्रुतगामी सड़क संपर्क मार्ग की आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।
शासकीय भवनों में आएगा आधुनिक डिजाइन
मुख्यमंत्री ने शासकीय भवनों के निर्माण में भी बदलाव के संकेत देते हुए कहा कि अब पुराने और एक जैसे डिजाइन की जगह आधुनिक तकनीक और उपयोगिता आधारित डिजाइन को प्राथमिकता दी जाए। भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल के बजाय वर्टिकल संरचना को बढ़ावा देने की बात कही गई। राजभवन में बन रहे गेस्ट हाउस को भी आधुनिक और गरिमामय स्वरूप देने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी होती हैं और लोग सड़क की गुणवत्ता को सबसे पहले देखते हैं। इसलिए लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि सभी कार्य समयबद्ध और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरे हों।










