
KPN24.com जांजगीर-चांपा 07 मार्च 2026
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना अब जमीनी स्तर पर बदलाव की मिसाल बनती जा रही है। इसी योजना का लाभ लेकर ग्राम पंचायत बुड़गहन की निवासी श्रीमती गीता बाई निर्मलकर ने अपने परिवार के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास की रोशनी जगाई है।
गीता बाई के पति गौतम प्रसाद निर्मलकर के साथ पहले परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। रोजमर्रा के खर्च और बच्चों की जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए संबल बनकर सामने आई।
गीता बाई ने योजना से मिली राशि का उपयोग समझदारी से करते हुए फल दुकान शुरू करने के लिए आवश्यक सामान खरीदा। आज उनके पति इस फल दुकान का संचालन करते हैं और गीता बाई भी पूरे मन से उनका साथ दे रही हैं। इस छोटे से प्रयास ने परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला दिया है। अब घर के खर्च आसानी से पूरे हो रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई व परिवार के स्वास्थ्य पर भी बेहतर ध्यान दिया जा रहा है।
गीता बाई का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी दिया है। अब वे परिवार के फैसलों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और खुद को पहले से अधिक सक्षम महसूस कर रही हैं।
वे राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि यह योजना उनके जैसे कई परिवारों के लिए नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की राह खोल रही है।










