
डिजिटल हस्ताक्षर से फाइलों का अनुमोदन, कामकाज में आएगी तेज़ी और पारदर्शिता
KPN24.com रायपुर 17 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में अब बिजली विभाग पूरी तरह डिजिटल मोड में काम करने जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज ने बड़ा फैसला लेते हुए 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के सभी बिजली दफ्तरों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने का ऐलान कर दिया है।
राजधानी रायपुर के डंगनिया मुख्यालय में इस सिस्टम के सफल संचालन के बाद अब इसे प्रदेशभर में विस्तार दिया जा रहा है। इस कदम से न सिर्फ कामकाज की गति बढ़ेगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होगी।
अब फाइलें नहीं, क्लिक से होंगे सारे काम
ई-ऑफिस लागू होने के बाद नोटशीट, आदेश, पत्र और परिपत्र जैसे सभी दस्तावेजों का निर्माण, अनुमोदन और प्रेषण पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा। खास बात यह है कि डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से फाइलों का अनुमोदन किया जाएगा, जिससे समय की बचत और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
मुख्यालय में पहले ही सफल प्रयोग
बिजली कंपनियों के मुख्यालय स्तर पर 10 नवंबर 2025 से ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जा चुकी है, जहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब इसी सफलता को प्रदेश के जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों तक विस्तार दिया जा रहा है।
अधिकारियों-कर्मचारियों को मिल रहा प्रशिक्षण
नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ऊर्जा सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (EITC) द्वारा ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है, जो छह पालियों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित हो रही है।
स्व-सेवा पोर्टल से आसान होगा काम
ई-ऑफिस के लिए ऊर्जा नेट पर सेल्फ सर्विस पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है, जहां उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, दिशा-निर्देश और सामान्य प्रश्न उपलब्ध हैं। कर्मचारियों को इन्हें पढ़कर सिस्टम को समझने की सलाह दी गई है।
कागज की बचत, काम में रफ्तार
इस पहल से न सिर्फ कागज की खपत में कमी आएगी, बल्कि विभागीय कामकाज में तेजी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज का यह कदम प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।










