
KPN24:-बिलासपुर हाईकोर्ट ने रिटायर्ड कर्मचारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी डी गुरु की सिंगल बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है जो कर्मचारियों को राहत के साथ उनके हित में भी है ।
आईटीआई कोनी बिलासपुर के एक रिटायर्ड कर्मचारी की एक याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस बी डी गुरु की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाते हुए उनके खिलाफ एक लाख पन्द्रह की वसूली को वापस करते हुए याचिकाकर्ता के लंबित ग्रेज्युटी को छ सप्ताह के भीतर देने को सरकार को मोहलत दी है।
याचिकाकर्ता लक्ष्मण दास मानिकपुरी आईटीआई कोनी में तृतीय कर्मचारी के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे 29 फ़रवरी 2020 को वे रिटायर हुए विभाग ने उनको सेवा काल के दौरान 1 लाख 15 हजार अधिक का भुगतान कर दिया था जो विभाग ने रिकवर भी कर लिया ओर उनकी ग्रेज्युटी भी रोकी गई। राज्य शासन के इस आदेश को चुनौती देते हुए लक्ष्मण दास मानिकपुरी ने अधिवक्ता श्रीजन पाण्डेय के माध्यम से हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की।
याचिकाकर्ता की ओर से मामले में पैरवी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसला का जिक्र करते हुए कहा स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मसीहा 2015 में कहा था कि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों से रिटायरमेंट के बाद ऐसी कोई रिकवरी नहीं की जाना चाहिए जिसने पुरी ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दी हैं










