
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अघरिया समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली है, जिसकी जड़ें भारतीय सभ्यता की गहराइयों से जुड़ी हैं। उन्होंने आह्वान किया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अघरिया समाज अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे।
मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के भाठागांव में आयोजित अघरिया समाज सेवा समिति के वार्षिक स्नेह सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर अघरिया समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अघरिया समाज के अपने मितान, स्वर्गीय श्री विष्णु पटेल का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि अघरिया समाज से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि अपने सामाजिक जीवन के लंबे अनुभव में उन्होंने अघरिया समाज के परिश्रम, समर्पण और प्रतिबद्धता को निकटता से देखा और समझा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनतकश अघरिया समाज ने अपने मूल व्यवसाय कृषि के साथ-साथ अन्य अनेक क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कृषि क्षेत्र में उनके योगदान से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। आज प्रगतिशील अघरिया समाज राष्ट्र के विकास में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की तरक्की के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को पूरा करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए नक्सलवाद का समूल उन्मूलन आवश्यक है। डबल इंजन की सरकार नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ रही है।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि अघरिया समाज की मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता किसी परिचय की मोहताज नहीं है। संगठित समाज राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि अघरिया समाज ने कृषि के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय किया गया है, जिसे प्राप्त करने के लिए युवाओं को क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य तय कर सतत परिश्रम करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि जितनी अधिक हमारी रिस्क-टेकिंग एबिलिटी होगी, हम समय की चुनौतियों का उतनी ही बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बेटियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बेटियों को पढ़ाना आने वाली पूरी पीढ़ी का भविष्य संवारने का कार्य का काम करता है।










