
KPN24:- पैसा कमाने के लिए लोग कैसे कैसे हत्कंडे अपनाते इसका अंदाजा लगा पाना कठिन है ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें अपराधी पहले लोगों का बीमा कराते हैं ओर प्रीमियम भी खुद ही भरते थे उसके बाद बीमा क्लेम लेने के लिए लोगों की हत्या कर दी जाती है।
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के संभल के रजपुरा थाना में सामने आया है जहां पुलिस ने बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है जो लोगों का बीमा कराकर उनकी हत्या कर देता था। एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि इस गिरोह ने हत्या करने से पहले अलग-अलग कंपनी का जीवन बीमा कराया था और उसके बाद प्रीमियम भी खुद ही भरा था। बताया कि इसी तरह इस गिरोह ने दो हत्याएं कर दी थीं और उनको हादसा दिखाया था।
एक मृतक के नाम से चल रहीं जीवन बीमा पॉलिसी की मिली 78 लाख रुपये की रकम भी हड़प चुके हैं। दूसरी हत्या जिस व्यक्ति की हुई है उसके नाम से भी 22 लाख रुपये का क्लेम हड़प चुके हैं। करीब ढ़ाई करोड़ रुपये अन्य पॉलिसी से मिलने थे। उससे पहले ही गिरोह के सदस्य गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
रविवार को सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धनारी थाना क्षेत्र के धनारी स्टेशन निवासी वेदप्रकाश, कमल सिंह, गांव मीना की मढैया निवासी निर्देश कुमार, गांव बायभूड़ निवासी प्रेमशंकर, गांव भागनगर निवासी ओमप्रकाश, रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव हिरौनी निवासी सुनील कुमार और कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव पैगा रफातपुर निवासी उदयभान सिंह शामिल हैं।
आरोपियों ने बीमा क्लेम हड़पने के लिए दिल्ली निवासी अमन (20) की 15 नवंबर 2023 को अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में सिर में हथौड़ा मारकर हत्या की थी। इसके बाद हादसा बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में अंतिम रिपोर्ट लगा थी। इसके बाद आरोपियों ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन करने शुरू कर दिए थे।
अमन की सौतेली मां रूपाली के खाते में 22 लाख रुपये एक पॉलिसी के आ गए थे। जो सभी ने बांट लिए थे। बाकी पॉलिसी के रुपये आने बाकी थी। एएसपी ने बताया कि दूसरी हत्या गिरोह ने धनारी निवासी सलीम की 29 जुलाई 2022 को अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र में जाकर की थी। पहले सिर पर हथौड़े से मारा था। उसके बाद गाड़ी से कुचल दिया था।
सलीम की मौत भी हादसे में दर्ज हुई थी और पुलिस ने इस हादसे में भी अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद 78 लाख रुपये का क्लेम मिला था जो गिरोह ने बांट लिया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य भूमिका वेदप्रकाश और कमल सिंह की है। अमन इन आरोपियों का रिश्ते का भांजा लगता था और इन दोनों पर ही विश्वास करता था। आरोपियों ने घटना से पहले उसके जीवन बीमा कराए और सौतेली मां और पिता को नॉमिनी बनाया था।










