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जमीन अधिग्रहण के मामले ने पकड़ा तूल उग्र हुआ आंदोलन।

KPN24:- जिला कोरिया में कोलरी क्षेत्र की जमीन अधिग्रहण के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया. जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर जमीन के मालिकों ने एसईसीएल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. इस वजह से कोयला परिवहन ठप हो गया. उसके बाद पुलिस ने 12 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

सोरगा सड़क मार्ग जाम, वाहनों पर पत्थरबाजी: जमीन का मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर जमीन मालिकों ने सोरगा मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और कोयला परिवहन के लिए निकले हाइवा वाहनों को रोककर पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस उग्र प्रदर्शन की वजह से पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई.
प्रदर्शनकारियों ने की तोड़फोड़: सोरगा सड़क मार्ग पर वाहनों के आने-जाने पर पाबंदी लगाने के बाद भी परिवहन होने पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा. जैसे ही एक कोयला लोडेड हाइवा जबरन पार करने की कोशिश करने लगा, प्रदर्शनकारियों ने उसे घेर लिया. पहले पत्थरबाजी की गई, फिर वाहन को नुकसान पहुंचाया गया और ड्राइवर के साथ मारपीट भी की गई. जान बचाने के लिए एक अन्य वाहन चालक को रिवर्स गियर में गाड़ी भगानी पड़ी.
प्रदर्शनकारियों का आरोप: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसईसीएल द्वारा वर्षो पहले उनकी भूमि का अधिग्रहण कर कोल खनन किया जा रहा है, लेकिन न तो उन्हें मुआवजा दिया गया और न ही परिवार के किसी सदस्य को रोजगार मिला. नाराज भूस्वामियों ने सड़क पर डेरा डाल दिया और हाथों में लाठियां लेकर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे कोयला खनन और परिवहन का काम नहीं होने देंगे.
SECL का कोयला परिवहन प्रभावित: प्रदर्शन के चलते पांडवपारा से कोयले की ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई है. सोरगा मार्ग को अवरुद्ध किए जाने से एसईसीएल की उत्पादन और आपूर्ति प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ा है. एसईसीएल के प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही प्रभावित भूस्वामियों से वार्ता कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.

गिरफ्तारी पर आंदोलनकारियों में गुस्सा: गिरफ्तारियों और पुलिस की सख्ती के बाद भले ही सड़क मार्ग को अस्थाई रूप से खोल दिया गया हो. इसके बावजूद ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बलपूर्वक उन्हें हटाया. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे कोल खनन का पूरी तरह बहिष्कार कर देंगे और लंबी लड़ाई के लड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे.

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई. बिना अनुमति प्रदर्शन और सड़क जाम करना कानून के खिलाफ है. प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश की गई थी, लेकिन वे अराजकता पर उतारू हो गए. इसलिए कार्रवाई करनी पड़ी.- कोरिया पुलिस

स्थिति को काबू में किया गया:कोरिया पुलिस बल की तैनाती के बाद इलाके में शांति बहाली हो गई है. उसके बावजूद भी तनाव बना हुआ है. कोरिया पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की नजर स्थिति पर बनी हुई है.

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Author: Kpn 24

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