
KPN24:- दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने नकली करेंसी नोटों के एक गिरोह का भांडा फोड़ है जिसमें बिहार के बतिया जिसे से नौशाद आलम को गिरफ्तार किया है जो इस गिरोह का सरगना माना जा रहा है।
पुलिस को उसके पास से करीब चार लाख रुपये मूल्य की बेहद उच्च गुणवत्ता वाली जाली करेंसी मिली है। नौशाद के पास से बरामद नकली नोट 500 रुपये के हैं, जिन्हें देखकर कोई भी आसानी से धोखा खा सकता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन नोटों की छपाई इतनी असली जैसी है कि आम लोग ही नहीं, बल्कि दुकानदार और कैश काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारी भी इसे पहचानने में गलती कर सकते हैं।
दिल्ली पुलिस इस गिरोह की गतिविधियों पर पिछले चार महीनों से नजर बनाए हुए थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि यह नकली करेंसी बांग्लादेश से तस्करी के जरिये भारत लाई जाती है और फिर बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में फैलाई जाती है। 8 मई को पुलिस ने विजय घाट बस स्टैंड पर जाल बिछाया, जहां नौशाद नकली नोटों की खेप देने पहुंचा था। उसे वहीं रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में नौशाद ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में रहने वाले एक व्यक्ति से 200 रुपये में नकली 500 के नोट खरीदता था और फिर उन्हें 300 रुपये में आगे सप्लाई करता था। वह पहले भी 4 से 5 बार इस तरह की डिलीवरी कर चुका है। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह ‘बी’ नामक शख्स के निर्देशों पर काम करता था, जो पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा है।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि इस रैकेट के तार बांग्लादेश के आपराधिक संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों को आशंका है कि नकली नोटों से होने वाली कमाई का उपयोग हथियारों की खरीद और देशविरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ऐसे में यह मामला केवल आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन गया है।










