
मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर।
KPN24:- बुरहानपुर जिला अस्पताल में आज विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाना है। इसके लिए तैयारी किसी विवाह समारोह से कम नहीं रही। इसके लिए बकायदा आमंत्रण पत्र छापे गए है और नियमित रक्तदाता समूह-संगठनों और व्यक्तिगत रक्तदाताओं को निमंत्रण भेजे गए है। इतना ही नहीं विवाह समारोह में जैसे आए हुए अतिथियों रिर्टन गिफ्ट दिए जाते है, वैसे ही जिला ब्लड बैंक प्रबंधन इस आमंत्रण को स्वीकार कर कार्यक्रम में शामिल होने वाले आमंत्रित रक्तदाताओं को व्यक्तिगत और समूह-संगठन के नाम से प्रशस्ति-पत्र और एक पेन भी भेंट करेगा।
ब्लड बैंक प्रबंधन के मुख्य अधिकारी डॉ.आर्यन गढ़वाल की माने तो शहर में रक्तदान को लेकर जागरुकता है और यहां रक्तदान करने वाले समूह-संगठनों और व्यक्तिगत दानदाताओं की भी कमी नहीं है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में और वहां के मरीज के साथ आने वाले परिजनों में रक्तदान को लेकर जागरुकता का अभाव है और वे रक्त लेने तो बैंक आ जाते है लेकिन रक्तदान करने से बचते और कतराते नजर आते है। जबकि शहरी क्षेत्र में इसका उल्टा है। यहां के मरीजों को रक्त की जरुरत ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों की तुलना में कम पड़ती है लेकिन रक्तदान को लेकर जागरुक है और जन्मदिन और विशेष आयोजनों पर रक्तदान का कोई मौका नहीं छोड़ते।
दर्जनभर से ज्यादा समूह और व्यक्तिगत दानदाता सक्रिय
ब्लड बैंक प्रबंधक डॉ.गढ़वाल ने बताया कि शहर में सक्रिय रक्तदाता समूह-संगठनों में टेक्समो पाईप्स, रेडक्रॉस सोसायटी, गजेन्द्र पाटिल मित्र मंडल, मंजू दादू सर्मथक, राजेश चौहान मित्र मंडल, अनिरुद्ध एकेडमी, आपदा प्रबंधन, विधिक साक्षरता, मनोज लधवे मित्र मंडल और धीरज नावानी समर्थक संगठन सहित कई ऐसे नाम है जिनके पास सैकड़ों रक्तदाताओं की सूचियां बनी है और जरुरत के समय इनके पास ब्लड बैंक या जरुरतमंद के परिजन का फोन आते ही सारे काम छोड़ रक्तदान की जिम्मेदारी को निभाते है। ऐसे ही व्यक्तिगत रक्तदाताओं की भी शहर में कमी नहीं है। व्यक्तिगत रक्तदाताओं की लिस्ट भी लंबी है। इनमें जिला अस्पताल के कर्मचारी जीतू नायदे, डॉ.रेहाना बोहरा सहित शहर के मोहित आहूजा, और जफर अंसारी सहित दर्जनों ऐसे नाम है जो नियमित रुप से रक्तदान कर जीवन रक्षक की भूमिका निभा रहे है।
1. जीतू नायदे, जिला अस्पताल वार्ड ब्वाय
कई सालों से जिला अस्पताल में सेवाएं देते हुए मरीजों का दर्द और उनके परिजनों की परेशानी ने रक्तदान के लिए प्रेरित किया। अब तक दर्जनों बार रक्तदान कर चुका हूं और नियमित रुप से रक्तदान के लिए संकल्पित हूं।
2. डॉ. रेहाना बोहरा, स्त्री रोग विशेषज्ञ
एक डॉक्टर से बेहतर मरीज का दर्द कौन समझ सकता है। दूसरा स्त्री रोग विशेषज्ञ होने के कारण इस परेशानी को बखूबी समझती हूं कि महिलाओं में वैसे ही रक्त की कमी होती है और बीमारी या प्रसव के दौरान इसकी जरुरत और बढ़ जाती है। बस, यहीं परेशानी देख रक्तदान करती रहती हूं।
3. धीरज नावानी, युवा संगठक
रक्तदान एक बार करने से एक जान बचाई जा सकती है। इस छोटे से प्रयास को बड़ा रुप देने के लिए हमारे साथ करीब डेढ हजार से ज्यादा ऐसे रक्तदाताओं की टोली है, जो रक्तदान को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानते है। हमेशा रक्तदान खुद भी करता रहूंगा और दूसरों को भी प्रेरित करता रहता हूं।










